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Champawat News: चंपावत में बारिश से बढ़ी ठंड, तीन डिग्री गिरा अधिकतम तापमान
Thu, 09 May 2024 10:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 09 May 2024 10:39 PM IST
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चंपावत। जिला मुख्यालय में हुई आठ मिमी बारिश से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से थोड़ी ठंड बढ़ गई है। आपदा विभाग के अनुसार जिला मुख्यालय में आठ मिमी, लोहाघाट में छह, बनबसा में तीन और पाटी में एक मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश से जंगलों की आग कुछ हद तक नियंत्रित हो गई है।
बुधवार देर रात हुई बारिश के बाद बृहस्पतिवार को चंपावत का अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री दर्ज किया गया था। तापमान में गिरावट आने के बाद हल्की ठंड बढ़ने से लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़े। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। करीब तीन बजे बाद हल्की धूप के दर्शन लोगों को हुए। संवाद
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बारिश के बाद बढ़ी सब्जी पौधों की बिक्री
लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में झमाझम बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। बारिश के बाद खेतों में थोड़ी नमी होने से काश्तकार खेती में जुट गए हैं। बाजार में सब्जी के पौधों की बिक्री भी बढ़ गई है।
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लंबे समय से क्षेत्र में बारिश न होने से सूखे जैसे हालात पैदा हो गए थे। किसानों की आलू, गेहूं, जई, राजमा आदि की फसलें चौपट हो गई हैं। अगेती आलू की फसल तो पूरी तरह से चौपट हो गई है। अब बुधवार को हुई झमाझम बारिश से खेतों में नमी बढ़ गई है। कोटला से आए किसान राम गिरी, चंद्र सिंह, बनीगांव के सुभाष जोशी का कहना है कि बारिश होने के बाद पौधों की बिक्री में कुछ इजाफा हुआ है। एडीओ उद्यान आशीष रंजन खर्कवाल का कहना है कि खेतों के लिए बारिश सामान्य हुई है जिसका फसलों को लाभ मिलेगा। एडीओ खेतों की नमी बरकरार रखने के लिए किसानों को मल्चिंग विधि का प्रयोग करने की सलाह दी है। इसके लिए पॉलीथिन शीट, पुआल, घास, पेड़ों के पत्तों का खेतों में प्रयोग कर सकते हैं।
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आलू की अच्छी पैदावार के लिए अभी और बारिश की जरूरत
चंपावत। जिले में लंबे समय के बाद हुई बारिश से काश्तकार थोड़ा खुश हैं लेकिन अभी भी आलू की अच्छी पैदावार के लिए एक अच्छी बारिश की जरूरत है। चंपावत में आठ और लोहाघाट में हुई छह मिमी बारिश से नए पौधों की बुआई के लिए पर्याप्त पानी मिल गया है।
मुख्य उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय ने बताया कि आलू और अदरक की खेती के लिए थोड़ी राहत मिली है लेकिन अभी भी करीब 24 मिमी बारिश की जरूरत है। तब जाकर खेती अच्छी होगी अन्यथा पैदावार अच्छी होने की संभावना कम है। उन्होंने बताया कि इस बार आलू का 700 क्विंटल बीज वितरित किया गया है। जिले में 30 हजार से अधिक काश्तकार हैं जो मौसमी बारिश पर निर्भर रहते हैं।
इधर मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी ने बताया कि बारिश मडुवा, धान और उड़द की फसल के लिए बारिश अच्छी है। इन फसलों की खेती जिले में करीब नौ हजार हेक्टेयर में की जाती है। इसके बीच भी आ गए हैं। संवाद
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बारिश से जंगलों की आग बुझी, किसानों के चेहरे खिले
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। लंबे समय तक सूखे जैसे हालात के बाद मौसम राहत लेकर आया। बुधवार को हुई बारिश से जंगलों की आग पूरी तरह बुझ गई है। इससे वन विभाग को बड़ी राहत मिली है। बारिश होने से किसानों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
बुधवार शाम को बेड़ीनाग को छोड़कर जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ सहित जनपद के अधिकांश हिस्सों में जमकर बारिश हुई। बंगापानी में सबसे अधिक 29 मिमी बारिश हुई। इससे पिथौरागढ़ से लेकर डीडीहाट तक धधक रहे जंगलों की आग पूरी तरह से शांत हो गई। बारिश से वातावरण में छाई धुंध में भी कुछ कमी आई। बृहस्पतिवार को भी सुबह से ही बादल छाए रहे। इसके चलते घाटी वाले क्षेत्रों में भी उमस भरी गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली है। पिथौरागढ़ के जिला उद्यान अधिकारी त्रिलोकी राय ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है। बारिश से फल और सब्जियों की पैदावार में सुधार होगा।
कहां कितनी हुई बारिश
पिथौरागढ़-10 मिमी, गंगोलीहाट- 16 मिमी, बेड़ीनाग-शून्य, डीडीहाट-12 मिमी, मुनस्यारी-01 मिमी, धारचूला-4.6 मिमी, बंगापानी-29 मिमी, तेजम-8 मिमी, गणाई-0.5 मिमी, थल-4.5 मिमी, देवथल- 04 मिमी, कनालीछीना-5.4 मिमी।
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बुधवार देर रात हुई बारिश के बाद बृहस्पतिवार को चंपावत का अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री दर्ज किया गया था। तापमान में गिरावट आने के बाद हल्की ठंड बढ़ने से लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़े। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। करीब तीन बजे बाद हल्की धूप के दर्शन लोगों को हुए। संवाद
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बारिश के बाद बढ़ी सब्जी पौधों की बिक्री
लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में झमाझम बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। बारिश के बाद खेतों में थोड़ी नमी होने से काश्तकार खेती में जुट गए हैं। बाजार में सब्जी के पौधों की बिक्री भी बढ़ गई है।
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लंबे समय से क्षेत्र में बारिश न होने से सूखे जैसे हालात पैदा हो गए थे। किसानों की आलू, गेहूं, जई, राजमा आदि की फसलें चौपट हो गई हैं। अगेती आलू की फसल तो पूरी तरह से चौपट हो गई है। अब बुधवार को हुई झमाझम बारिश से खेतों में नमी बढ़ गई है। कोटला से आए किसान राम गिरी, चंद्र सिंह, बनीगांव के सुभाष जोशी का कहना है कि बारिश होने के बाद पौधों की बिक्री में कुछ इजाफा हुआ है। एडीओ उद्यान आशीष रंजन खर्कवाल का कहना है कि खेतों के लिए बारिश सामान्य हुई है जिसका फसलों को लाभ मिलेगा। एडीओ खेतों की नमी बरकरार रखने के लिए किसानों को मल्चिंग विधि का प्रयोग करने की सलाह दी है। इसके लिए पॉलीथिन शीट, पुआल, घास, पेड़ों के पत्तों का खेतों में प्रयोग कर सकते हैं।
आलू की अच्छी पैदावार के लिए अभी और बारिश की जरूरत
चंपावत। जिले में लंबे समय के बाद हुई बारिश से काश्तकार थोड़ा खुश हैं लेकिन अभी भी आलू की अच्छी पैदावार के लिए एक अच्छी बारिश की जरूरत है। चंपावत में आठ और लोहाघाट में हुई छह मिमी बारिश से नए पौधों की बुआई के लिए पर्याप्त पानी मिल गया है।
मुख्य उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय ने बताया कि आलू और अदरक की खेती के लिए थोड़ी राहत मिली है लेकिन अभी भी करीब 24 मिमी बारिश की जरूरत है। तब जाकर खेती अच्छी होगी अन्यथा पैदावार अच्छी होने की संभावना कम है। उन्होंने बताया कि इस बार आलू का 700 क्विंटल बीज वितरित किया गया है। जिले में 30 हजार से अधिक काश्तकार हैं जो मौसमी बारिश पर निर्भर रहते हैं।
इधर मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी ने बताया कि बारिश मडुवा, धान और उड़द की फसल के लिए बारिश अच्छी है। इन फसलों की खेती जिले में करीब नौ हजार हेक्टेयर में की जाती है। इसके बीच भी आ गए हैं। संवाद
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बारिश से जंगलों की आग बुझी, किसानों के चेहरे खिले
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। लंबे समय तक सूखे जैसे हालात के बाद मौसम राहत लेकर आया। बुधवार को हुई बारिश से जंगलों की आग पूरी तरह बुझ गई है। इससे वन विभाग को बड़ी राहत मिली है। बारिश होने से किसानों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
बुधवार शाम को बेड़ीनाग को छोड़कर जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ सहित जनपद के अधिकांश हिस्सों में जमकर बारिश हुई। बंगापानी में सबसे अधिक 29 मिमी बारिश हुई। इससे पिथौरागढ़ से लेकर डीडीहाट तक धधक रहे जंगलों की आग पूरी तरह से शांत हो गई। बारिश से वातावरण में छाई धुंध में भी कुछ कमी आई। बृहस्पतिवार को भी सुबह से ही बादल छाए रहे। इसके चलते घाटी वाले क्षेत्रों में भी उमस भरी गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली है। पिथौरागढ़ के जिला उद्यान अधिकारी त्रिलोकी राय ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है। बारिश से फल और सब्जियों की पैदावार में सुधार होगा।
कहां कितनी हुई बारिश
पिथौरागढ़-10 मिमी, गंगोलीहाट- 16 मिमी, बेड़ीनाग-शून्य, डीडीहाट-12 मिमी, मुनस्यारी-01 मिमी, धारचूला-4.6 मिमी, बंगापानी-29 मिमी, तेजम-8 मिमी, गणाई-0.5 मिमी, थल-4.5 मिमी, देवथल- 04 मिमी, कनालीछीना-5.4 मिमी।
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