{"_id":"5e14bf6f8ebc3e87c430c558","slug":"civiv-aminities-champawat-news-hld368662370","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव से नगर में शामिल जूप को विकास का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव से नगर में शामिल जूप को विकास का इंतजार
विज्ञापन
चंपावत नगर पालिका के जूप वार्ड का संकरा रास्ता।
- फोटो : CHAMPAWAT
छह साल पूर्व नगर पालिका में शामिल हुए जूप वार्ड के लोग भवन कर आदि तमाम टैक्स देते हैं लेकिन इस इलाके की हालत नगर के वार्ड सरीखी नहीं है। नगर के आउटर के इस वार्ड की उपेक्षा का आलम यह है कि यहां नियमित रूप से सफाई तक नहीं होती है। नतीजा यह कि जूप के लोगों की बड़ी चिंता किसी तरह गंदगी से निजात पाने की है।
जूप वार्ड नगर पालिका में शामिल जरूर है लेकिन जमीनी हकीकत से नहीं लगता कि यह किसी उपेक्षित ग्रामीण क्षेत्र से बेहतर है। नियमित रूप से सफाई के लिए पर्यावरण मित्रों के नहीं पहुंचने और कूड़ेदानों की कमी यहां की सफाई पर असर डाल रही है।
मोहल्लों को जोड़ने के लिए रास्तों की चौड़ाई काफी कम होने से आवाजाही जोखिमभरी है। ऐसे में लोगों का ढुलान का खर्च भी बढ़ जाता है। वहीं दूर का वार्ड होने का असर यहां के पथ प्रकाश पर भी दिखता है। 50 प्रतिशत से ज्यादा स्ट्रीट लाइट या तो खराब हैं या उनमें लाइटें ही नहीं लगी हैं।
विज्ञापन
जूप वार्ड नगर के बाहरी हिस्से में है। वक्त-बेवक्त आवाजाही के लिए पथ प्रकाश जरूरी है लेकिन वार्ड के काफी बड़े हिस्से में स्ट्रीट लाइट का ठीक प्रबंध न होने से आवाजाही की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। दीपिका बोहरा
नगर के सबसे दूर के वार्डों में से एक जूप में विकास के ज्यादातर काम अभी शुरू भी नहीं हो सके हैं। अच्छे रास्ते और स्ट्रीट लाइट की तात्कालिक जरूरत है। गंगादत्त भट्ट।
जूप को छह साल पहले नगर पालिका में शामिल किया गया तो लगा कि इस इलाके के दिन बहुरेंगे। नागरिकों के पालिका के चुनाव में दो बार वोट देने के बावजूद हालात कतई नहीं बदले हैं। भवान सिंह।
नगर पालिका में शामिल होने से पूर्व जूप वार्ड ग्रामीण क्षेत्र का हिस्सा था। इस कारण यहां विकास नहीं हुआ था। अब पालिका की ओर से अच्छे रास्तों का निर्माण और साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर किया जा रहा है। कलावती देवी, सभासद।
विज्ञापन
जूप वार्ड नगर पालिका में शामिल जरूर है लेकिन जमीनी हकीकत से नहीं लगता कि यह किसी उपेक्षित ग्रामीण क्षेत्र से बेहतर है। नियमित रूप से सफाई के लिए पर्यावरण मित्रों के नहीं पहुंचने और कूड़ेदानों की कमी यहां की सफाई पर असर डाल रही है।
विज्ञापन
मोहल्लों को जोड़ने के लिए रास्तों की चौड़ाई काफी कम होने से आवाजाही जोखिमभरी है। ऐसे में लोगों का ढुलान का खर्च भी बढ़ जाता है। वहीं दूर का वार्ड होने का असर यहां के पथ प्रकाश पर भी दिखता है। 50 प्रतिशत से ज्यादा स्ट्रीट लाइट या तो खराब हैं या उनमें लाइटें ही नहीं लगी हैं।
विज्ञापन
जूप वार्ड नगर के बाहरी हिस्से में है। वक्त-बेवक्त आवाजाही के लिए पथ प्रकाश जरूरी है लेकिन वार्ड के काफी बड़े हिस्से में स्ट्रीट लाइट का ठीक प्रबंध न होने से आवाजाही की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। दीपिका बोहरा
नगर के सबसे दूर के वार्डों में से एक जूप में विकास के ज्यादातर काम अभी शुरू भी नहीं हो सके हैं। अच्छे रास्ते और स्ट्रीट लाइट की तात्कालिक जरूरत है। गंगादत्त भट्ट।
जूप को छह साल पहले नगर पालिका में शामिल किया गया तो लगा कि इस इलाके के दिन बहुरेंगे। नागरिकों के पालिका के चुनाव में दो बार वोट देने के बावजूद हालात कतई नहीं बदले हैं। भवान सिंह।
नगर पालिका में शामिल होने से पूर्व जूप वार्ड ग्रामीण क्षेत्र का हिस्सा था। इस कारण यहां विकास नहीं हुआ था। अब पालिका की ओर से अच्छे रास्तों का निर्माण और साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर किया जा रहा है। कलावती देवी, सभासद।