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Champawat News: चंपावत कैंपस में एम.कॉम की पढ़ाई का बच्चों को इंतजार
Mon, 02 Jun 2025 10:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 02 Jun 2025 10:43 PM IST
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चंपावत। एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के चंपावत कैंपस में एम.कॉम की पढ़ाई नहीं होने से कॉमर्स में रूचि रखने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई अधूरी रह जाती है। कई तो पढ़ाई छोड़ देते हैं और कुछ एम.ए की पढ़ाई करने के लिए मजबूर रहते हैं।
चंपावत कैंपस में कॉमर्स में प्रवेश लेने से पहले छात्र-छात्राओं को इंटर की पढ़ाई के बाद काफी सोच विचार करना पड़ता है। बी.कॉम पूरा होने के बाद उनके लिए एम.कॉम की पढ़ाई आसान नहीं होती है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, नैनीताल जाना पड़ता है। साधन संपन्न परिवारों के लिए यह संभव है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पढ़ाई आसान नहीं है। कैंपस निदेशक डॉ. पीएस बिष्ट ने बताया कि विभाग प्रभारी को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव तैयार होने के बाद सीधे विश्वविद्यालय को प्रेषित किया जाएगा।
कोट-
एम.कॉम की पढ़ाई कैंपस में शुरू होती तो बढ़ी राहत मिलती। बी.कॉम के बाद एम.कॉम की पढ़ाई के लिए अधिकांश बच्चों को बाहरी जिलों की दौड़ लगानी पड़ती है। कई बार तो पढ़ाई छोड़नी भी पढ़ती है।- अनीता जोशी, छात्रा, चंपावत कैंपस
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एम.कॉम का संचालन कैंपस में किया जाना चाहिए। लंबे समय तक इसके लिए संघर्ष किया, लेकिन मांग पूरी नहीं हो सकी। एम.कॉम का संचालन होने से छात्र-छात्राओं संख्या में भी इजाफा होगा।- सनी वर्मा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, चंपावत कॉलेज
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चंपावत कैंपस में कॉमर्स में प्रवेश लेने से पहले छात्र-छात्राओं को इंटर की पढ़ाई के बाद काफी सोच विचार करना पड़ता है। बी.कॉम पूरा होने के बाद उनके लिए एम.कॉम की पढ़ाई आसान नहीं होती है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, नैनीताल जाना पड़ता है। साधन संपन्न परिवारों के लिए यह संभव है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पढ़ाई आसान नहीं है। कैंपस निदेशक डॉ. पीएस बिष्ट ने बताया कि विभाग प्रभारी को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव तैयार होने के बाद सीधे विश्वविद्यालय को प्रेषित किया जाएगा।
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कोट-
एम.कॉम की पढ़ाई कैंपस में शुरू होती तो बढ़ी राहत मिलती। बी.कॉम के बाद एम.कॉम की पढ़ाई के लिए अधिकांश बच्चों को बाहरी जिलों की दौड़ लगानी पड़ती है। कई बार तो पढ़ाई छोड़नी भी पढ़ती है।- अनीता जोशी, छात्रा, चंपावत कैंपस
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एम.कॉम का संचालन कैंपस में किया जाना चाहिए। लंबे समय तक इसके लिए संघर्ष किया, लेकिन मांग पूरी नहीं हो सकी। एम.कॉम का संचालन होने से छात्र-छात्राओं संख्या में भी इजाफा होगा।- सनी वर्मा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, चंपावत कॉलेज