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Champawat News: बच्चे सवाल कर रहे हैं कि पापा आप कब आओगे
Sat, 28 Sep 2024 10:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 28 Sep 2024 10:54 PM IST
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चंपावत स्वाला में ऑलवेदर सड़क पर मलबा हटाती मशीन। संवाद
चंपावत। ऑलवेदर सड़क पर स्वाला डेंजर जोन पर पहाड़ी से गिरते मलबे और बोल्डरों के कारण अभी राह आसान नहीं है। 17 दिन से आवाजाही ठप होने से चंपावत और पिथौरागढ़ जिले के लोग परेशान हैं। बच्चे सवाल कर रहे हैं कि पापा आप कब आओगे। अब फोन भी काम नहीं कर रहे हैं। परिजनों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
शनिवार को संवाद टीम ने ऑलवेदर सड़क बंद होने आ रही परेशानियों को लेकर पड़ताल की। टीम करीब 11:45 बजे स्वाला डेंजर जोन पहुंची। डेंजर जोन के दूसरी तरफ मैदानी क्षेत्रों से निर्माण सामग्री आदि लेकर पहुंचे करीब 100 वाहन 17 दिनों से यहां फंसे हैं। पास में कई वाहन चालक, परिचालक इस उम्मीद से डेंजर जोन पर चल रहे काम को देख रहे थे कि शायद रास्ता खुल जाए। कुछ ने बताया कि घर के नजदीक आकर भी पराए हो गए हैं। रोजाना खाने-पीने की चीजें नहीं मिलने से दिक्कत हो रही है। चौबीस घंटे में एक बार किसी तरह खाना खाकर पेट की भूख मिटा रहे हैं। तेल खर्च कर बाया लोहाघाट जाना उनके लिए आसान नहीं है। घर परिवार के सदस्यों को लेकर चिंतित हैं। संवाद
जल्द पूरी तरह सुचारु नहीं हो पाएगी आवाजाही
चंपावत। ऑलवेदर सड़क पर स्वाला के पास एनएच के अधिकारी मौके पर डटे हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्वाला पर पहाड़ी से मलबा लगातार आ रहा था। इस स्थान पर 25 मीटर का हिस्सा धंस रहा है। यहां आ़ढ़े तिरछे सेल्फ ड्रिलिंग एंकर लगाए गए हैं। जीएसबी बिछाने का काम किया जा रहा है। पहाड़ी से गिर रहे पानी की निकासी का काम हो रहा है। एनएच लोनिवि के चीफ इंजीनियर दयानंद ने बताया कि पहाड़ी से मलबे और पत्थरों की वजह से जल्द पूरी तरह आवाजाही सुचारु होने में अभी समय लगेगा। मलबा और बोल्डर हटाने के लिए एक मशीन लगाई गई है ताकि इस स्थान का सुरक्षित बनाया जा सके। बताया कि ऑलवेदर सड़क पर आवाजाही के लिए अस्थायी काम किया जा रहा है। रोजाना कुछ घंटे आवाजाही के लिए यातायात खोला जाएगा। पहाड़ी कटान का काम भी जारी रहेगा।
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नहाना-धोना भी नहीं हो पा रहा है
चंपावत। स्वाला डेंजर जोन के दूसरी तरफ फंसे कैंटर, टिप्पर, ट्रक के चालकों और परिचालकों ने बताया कि 17 दिन से नहाना-धोना भी नहीं हो पाया है। जेब में पैसे खत्म हो गए हैं। यहां कोई ऐसा भी नहीं कि उधार ले सकें। न संचार सेवा है और न ही बिजली की व्यवस्था। बस रात में डेंजर जोन स्वाला में काम करती मशीनों का शोर सुन रहे हैं और इसे सुनते-सुनते नींद आ जाती है। हमारे लिए यहां पर जीवन हर रोज संघर्ष की तरह है। ऑलवेदर सड़क डेंजर जोन स्वाला के पास पहाड़ी और मलबा गिरने से बंद होने के कारण पेट्रोल के टैंकर भी 17 दिन से फंसे हैं। इन वाहनों को पिथौरागढ़ जाना है। इधर, ऑलवेदर सड़क पर बंद होने से शनिवार को भी विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्वाला से पैदल ही आना पड़ा। वह अपने जरूरी काम से देहरादून और अन्य जगह गए थे।
सड़क खोलने की मांग पर किया प्रदर्शन
चंपावत। शनिवार को फंसे ट्रक चालकों ने सपा जिलाध्यक्ष ललित मोहन भट्ट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सड़क बंद होने पर नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इतने दिन बीतने के बाद भी सड़क ठीक नहीं की जा रही है। लोगों को खाने पीने की चीजों की दिक्कत हो रही हैं। किसी ने अभी तक कोई मदद नहीं की। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि रोज मेहनत कर परिवार का जीवनयापन करने वाले इन कैंटर, ट्रक और अन्य टैक्सी वाहनों का टैक्स सरकार को माफ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों खर्च करने के बाद भी ऑलवेदर सड़क ने चंपावत और पिथौरागढ़ जिले के पर्यटन कारोबार को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। प्रदर्शन में मोहन सिंह, रमेश चंद्र, भुवन चंद्र, त्रिलोक सिंह, सूरज सिंह, सोनू , राकेश सिंह, योगी भट्ट, सचिन, हेम, अंकित, नवीन भट्ट, मोहन, अनिल, अमन भट्ट आदि शामिल रहे।
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शनिवार को संवाद टीम ने ऑलवेदर सड़क बंद होने आ रही परेशानियों को लेकर पड़ताल की। टीम करीब 11:45 बजे स्वाला डेंजर जोन पहुंची। डेंजर जोन के दूसरी तरफ मैदानी क्षेत्रों से निर्माण सामग्री आदि लेकर पहुंचे करीब 100 वाहन 17 दिनों से यहां फंसे हैं। पास में कई वाहन चालक, परिचालक इस उम्मीद से डेंजर जोन पर चल रहे काम को देख रहे थे कि शायद रास्ता खुल जाए। कुछ ने बताया कि घर के नजदीक आकर भी पराए हो गए हैं। रोजाना खाने-पीने की चीजें नहीं मिलने से दिक्कत हो रही है। चौबीस घंटे में एक बार किसी तरह खाना खाकर पेट की भूख मिटा रहे हैं। तेल खर्च कर बाया लोहाघाट जाना उनके लिए आसान नहीं है। घर परिवार के सदस्यों को लेकर चिंतित हैं। संवाद
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जल्द पूरी तरह सुचारु नहीं हो पाएगी आवाजाही
चंपावत। ऑलवेदर सड़क पर स्वाला के पास एनएच के अधिकारी मौके पर डटे हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्वाला पर पहाड़ी से मलबा लगातार आ रहा था। इस स्थान पर 25 मीटर का हिस्सा धंस रहा है। यहां आ़ढ़े तिरछे सेल्फ ड्रिलिंग एंकर लगाए गए हैं। जीएसबी बिछाने का काम किया जा रहा है। पहाड़ी से गिर रहे पानी की निकासी का काम हो रहा है। एनएच लोनिवि के चीफ इंजीनियर दयानंद ने बताया कि पहाड़ी से मलबे और पत्थरों की वजह से जल्द पूरी तरह आवाजाही सुचारु होने में अभी समय लगेगा। मलबा और बोल्डर हटाने के लिए एक मशीन लगाई गई है ताकि इस स्थान का सुरक्षित बनाया जा सके। बताया कि ऑलवेदर सड़क पर आवाजाही के लिए अस्थायी काम किया जा रहा है। रोजाना कुछ घंटे आवाजाही के लिए यातायात खोला जाएगा। पहाड़ी कटान का काम भी जारी रहेगा।
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नहाना-धोना भी नहीं हो पा रहा है
चंपावत। स्वाला डेंजर जोन के दूसरी तरफ फंसे कैंटर, टिप्पर, ट्रक के चालकों और परिचालकों ने बताया कि 17 दिन से नहाना-धोना भी नहीं हो पाया है। जेब में पैसे खत्म हो गए हैं। यहां कोई ऐसा भी नहीं कि उधार ले सकें। न संचार सेवा है और न ही बिजली की व्यवस्था। बस रात में डेंजर जोन स्वाला में काम करती मशीनों का शोर सुन रहे हैं और इसे सुनते-सुनते नींद आ जाती है। हमारे लिए यहां पर जीवन हर रोज संघर्ष की तरह है। ऑलवेदर सड़क डेंजर जोन स्वाला के पास पहाड़ी और मलबा गिरने से बंद होने के कारण पेट्रोल के टैंकर भी 17 दिन से फंसे हैं। इन वाहनों को पिथौरागढ़ जाना है। इधर, ऑलवेदर सड़क पर बंद होने से शनिवार को भी विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्वाला से पैदल ही आना पड़ा। वह अपने जरूरी काम से देहरादून और अन्य जगह गए थे।
सड़क खोलने की मांग पर किया प्रदर्शन
चंपावत। शनिवार को फंसे ट्रक चालकों ने सपा जिलाध्यक्ष ललित मोहन भट्ट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सड़क बंद होने पर नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इतने दिन बीतने के बाद भी सड़क ठीक नहीं की जा रही है। लोगों को खाने पीने की चीजों की दिक्कत हो रही हैं। किसी ने अभी तक कोई मदद नहीं की। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि रोज मेहनत कर परिवार का जीवनयापन करने वाले इन कैंटर, ट्रक और अन्य टैक्सी वाहनों का टैक्स सरकार को माफ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों खर्च करने के बाद भी ऑलवेदर सड़क ने चंपावत और पिथौरागढ़ जिले के पर्यटन कारोबार को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। प्रदर्शन में मोहन सिंह, रमेश चंद्र, भुवन चंद्र, त्रिलोक सिंह, सूरज सिंह, सोनू , राकेश सिंह, योगी भट्ट, सचिन, हेम, अंकित, नवीन भट्ट, मोहन, अनिल, अमन भट्ट आदि शामिल रहे।