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छात्र-छात्राओं ने जाना आपदा से कैसे निपटें
ब्यूरो् /अमर उजाला, चंपावत।
Updated Sat, 17 Nov 2018 10:20 PM IST
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जानकीधार में भूकंप के वक्त बरती जाने वाली सावधानियों का प्रदर्शन करती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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जीआईसी जानकीधार में आपदा प्रबंधन विभाग की पहल और रियल एक्सप्लोरर्स एवं एडवेंचर लवर्स सोसायटी लोहाघाट के सहयोग से आपदा प्रबंधन शिविर में युवक और महिला मंगल दलों, छात्र-छात्राओं को आपदा के वक्त बरती जाने वाली सावधानियों और राहत-कार्यों की जानकारी दी।
प्रधानाचार्य पीसी उपाध्याय ने प्रशिक्षणार्थियों से शिविर के दौरान आपदा से निपटने की जानकारी दी। प्रशिक्षक सावन बिष्ट और दीपेश नेगी ने प्रशिक्षण के दौरान भूकंप आने के वक्त घरों, स्कूलों के भीतर बैठे लोगों को बरती जाने वाली सावधानी बताईं। भूकंप ेका आभास होते ही छात्र-छात्राओं को अपने बैग उठाकर सर पर रखने चाहिए।
भूकंप आते ही छात्र-छात्राएं मेजों के नीचे छिपे। छात्रों ने इसका बाकायदा प्रदर्शन किया। भूकंप के झटके बंद होने का आभास होते ही बिना भगदड़ मचाए छात्र-छात्राएं अपने बैगों को सर पर रखकर खुले मैदान में पहुंच गए।
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बड़ी कक्षाओं के छात्र छोटी कक्षाओं के मीसिंग छात्र-छात्राओं की खोज में जुट गए। आसपास मौजूद संसाधनों से स्ट्रेचर आदि का निर्माण कर घायलों को मैदान में लाने का प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर प्रवक्ता नरेश देव, नरेश चंद्र राय, खीम सिंह मेहता, योगेश जोशी, गिरीश जोशी, नीलम गोस्वामी, अनीता नेगी, रेनू पंत, दीपा तिवारी, मोहन गहतोड़ी, कला चंद, बीना जोशी सहित राजस्व, सिंचाई, वन, ब्लाक, पीआरडी, आंगनबाड़ी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, पशुपालन, कृषि आदि विभागों के कर्मचारी भी मौजूद थे।
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प्रधानाचार्य पीसी उपाध्याय ने प्रशिक्षणार्थियों से शिविर के दौरान आपदा से निपटने की जानकारी दी। प्रशिक्षक सावन बिष्ट और दीपेश नेगी ने प्रशिक्षण के दौरान भूकंप आने के वक्त घरों, स्कूलों के भीतर बैठे लोगों को बरती जाने वाली सावधानी बताईं। भूकंप ेका आभास होते ही छात्र-छात्राओं को अपने बैग उठाकर सर पर रखने चाहिए।
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भूकंप आते ही छात्र-छात्राएं मेजों के नीचे छिपे। छात्रों ने इसका बाकायदा प्रदर्शन किया। भूकंप के झटके बंद होने का आभास होते ही बिना भगदड़ मचाए छात्र-छात्राएं अपने बैगों को सर पर रखकर खुले मैदान में पहुंच गए।
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बड़ी कक्षाओं के छात्र छोटी कक्षाओं के मीसिंग छात्र-छात्राओं की खोज में जुट गए। आसपास मौजूद संसाधनों से स्ट्रेचर आदि का निर्माण कर घायलों को मैदान में लाने का प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर प्रवक्ता नरेश देव, नरेश चंद्र राय, खीम सिंह मेहता, योगेश जोशी, गिरीश जोशी, नीलम गोस्वामी, अनीता नेगी, रेनू पंत, दीपा तिवारी, मोहन गहतोड़ी, कला चंद, बीना जोशी सहित राजस्व, सिंचाई, वन, ब्लाक, पीआरडी, आंगनबाड़ी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, पशुपालन, कृषि आदि विभागों के कर्मचारी भी मौजूद थे।