{"_id":"59665fba4f1c1bed7f8b4636","slug":"check-the-construction-of-the-game-grounds-built-in-thawalkheda","type":"story","status":"publish","title_hn":"थ्वालखेड़ा में निर्मित खेल मैदान निर्माण की जांच करो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थ्वालखेड़ा में निर्मित खेल मैदान निर्माण की जांच करो
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Wed, 12 Jul 2017 11:13 PM IST
विज्ञापन
तहसील में प्रदर्शन करते थ्वालखेड़ा के ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
मोहनपुर न्याय पंचायत की थ्वालखेड़ा ग्रामसभा के ग्रामीणों ने मनरेगा योजना के तहत करीब चार लाख रुपये की लागत से गांव में सवा साल पहले निर्मित खेल मैदान के निर्माण कार्य की जांच की मांग उठाई है। उन्होंने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की मजदूरी के भुगतान में भी भारी अनियमितता का आरोप लगाया है।
बुधवार को तहसील पहुंचे ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर एसडीएम अनिल चन्याल को ज्ञापन सौंपा। कहा कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में मनरेगा के तहत थ्वालखेड़ा में सवा साल पहले 3.99 लाख रुपये की लागत से बनाए गए खेल मैदान के निर्माण में अनियमितता बरती गई है। काम करने वाले मजदूरों को ग्राम पंचायत ने सवा साल बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है।
मस्टरोल में 45 श्रमिक दर्शाए गए हैं, जबकि 30 से 35 श्रमिकों ने ही काम किया था। जिन मजदूरों को मजदूरी को भुगतान भी किया गया है तो वे ऐसे मजदूर हैं, जिन्होंने योजना के तहत मजदूरी ही नहीं की थी। उप प्रधान सुंदरी देवी एवं वार्ड सदस्यों द्वारा कई बार मजदूरों की मजदूरी भुगतान के लिए ग्राम प्रधान से आग्रह किया गया, लेकिन भुगतान में टाल-मटौली की जा रही है। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में बबीता देवी, हीरा देवी, कमला नेगी, पूजा देवी, बसंती, सरस्वती, दीपा, हेमा, शोभा, नीलू आदि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को तहसील पहुंचे ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर एसडीएम अनिल चन्याल को ज्ञापन सौंपा। कहा कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में मनरेगा के तहत थ्वालखेड़ा में सवा साल पहले 3.99 लाख रुपये की लागत से बनाए गए खेल मैदान के निर्माण में अनियमितता बरती गई है। काम करने वाले मजदूरों को ग्राम पंचायत ने सवा साल बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है।
विज्ञापन
मस्टरोल में 45 श्रमिक दर्शाए गए हैं, जबकि 30 से 35 श्रमिकों ने ही काम किया था। जिन मजदूरों को मजदूरी को भुगतान भी किया गया है तो वे ऐसे मजदूर हैं, जिन्होंने योजना के तहत मजदूरी ही नहीं की थी। उप प्रधान सुंदरी देवी एवं वार्ड सदस्यों द्वारा कई बार मजदूरों की मजदूरी भुगतान के लिए ग्राम प्रधान से आग्रह किया गया, लेकिन भुगतान में टाल-मटौली की जा रही है। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में बबीता देवी, हीरा देवी, कमला नेगी, पूजा देवी, बसंती, सरस्वती, दीपा, हेमा, शोभा, नीलू आदि शामिल थे।
विज्ञापन