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क्षमता आठ की, वैन में सवार थे 22 बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Wed, 20 Dec 2017 10:51 PM IST
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चंपावत में एक वाहन में क्षमता से अधिक बैठाए गए स्कूली बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को ले जा रही एक वैन को पुलिस ने बुधवार को सीज कर दिया गया। वाहन में 22 बच्चे सवार थे, जबकि वैन की क्षमता वाहन चालक समेत आठ सवारियों को ढोने की ही थी। वैन चालक के पास लाइसेंस भी नहीं था। स्कूली बच्चों को बाद में दूसरे वाहन से घरों तक पहुंचाया गया। वहीं, पुलिस कार्रवाई को देख कई बच्चों ने दहशत में रोना शुरू कर दिया।
यातायात पुलिस के उप निरीक्षक ज्योति प्रकाश ने बताया कि बुधवार अपरान्ह तीन बजे चंपावत के भैरवां तिराहे पर वैन (यूके 03/ टीए 0822) छुट्टी के बाद स्कूली बच्चों को लेकर जा रही थी। मुआयना करने पर वैन में 22 बच्चों को बैठाया गया था। उन्होंने बताया कि कई बच्चों ने सफर के दौरान परेशानी होने की बात भी कही। एसआई ने बताया कि वैन लक्ष्मी दत्त पुत्र लोकमणि सक्टा, बडोली के नाम पंजीकृत है। वैन चालक सहित आठ सवारियों के लिए स्वीकृत है। बताया कि चालक शीशराम सक्टा ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं दिखा पाया।
चालक ने बताया कि वह इन बच्चों को गोरलचौड़ रोड स्थित एंजिल्स एकेडमी से घरों को छोड़ने जा रहा था। इधर, एंजिल्स एकेडमी की प्रधानाचार्य ममता पांडेय का कहना है कि बच्चों को इस वैन से लाने ले जाने की व्यवस्था अभिभावकों ने स्वयं की है। वैन का स्कूल से कोई लेनादेना नहीं है।
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स्कूल बस के ये हैं नियम
- वाहन का रंग पीला होना जरूरी।
- खिड़कियों में जाली।
- चालक के साथ सहायक का होना जरूरी।
- प्राथमिक उपचार बॉक्स।
- बस की दो सीटों के बीच सामान्य से अधिक जगह।
- वाहन में स्कूल का नाम।
यातायात पुलिस के उप निरीक्षक ज्योति प्रकाश ने बताया कि बुधवार अपरान्ह तीन बजे चंपावत के भैरवां तिराहे पर वैन (यूके 03/ टीए 0822) छुट्टी के बाद स्कूली बच्चों को लेकर जा रही थी। मुआयना करने पर वैन में 22 बच्चों को बैठाया गया था। उन्होंने बताया कि कई बच्चों ने सफर के दौरान परेशानी होने की बात भी कही। एसआई ने बताया कि वैन लक्ष्मी दत्त पुत्र लोकमणि सक्टा, बडोली के नाम पंजीकृत है। वैन चालक सहित आठ सवारियों के लिए स्वीकृत है। बताया कि चालक शीशराम सक्टा ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं दिखा पाया।
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चालक ने बताया कि वह इन बच्चों को गोरलचौड़ रोड स्थित एंजिल्स एकेडमी से घरों को छोड़ने जा रहा था। इधर, एंजिल्स एकेडमी की प्रधानाचार्य ममता पांडेय का कहना है कि बच्चों को इस वैन से लाने ले जाने की व्यवस्था अभिभावकों ने स्वयं की है। वैन का स्कूल से कोई लेनादेना नहीं है।
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स्कूल बस के ये हैं नियम
- वाहन का रंग पीला होना जरूरी।
- खिड़कियों में जाली।
- चालक के साथ सहायक का होना जरूरी।
- प्राथमिक उपचार बॉक्स।
- बस की दो सीटों के बीच सामान्य से अधिक जगह।
- वाहन में स्कूल का नाम।