{"_id":"57c99db04f1c1bc9592cbd43","slug":"burned-effigies-of-villagers-in-amodi-koshiyari","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमोड़ी में ग्रामीणों ने फूंका कोश्यारी का पुतला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमोड़ी में ग्रामीणों ने फूंका कोश्यारी का पुतला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 02 Sep 2016 09:11 PM IST
विज्ञापन
अमोड़ी में ग्रामीणों ने फूंका कोश्यारी का पुतला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमोड़ी में शुक्रवार को नैनीताल के सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का पुतला फूंका। ग्रामीणों का आरोप है कि श्री कोश्यारी ने बृहस्पतिवार को अमोड़ी में लोगों से यहां के डिग्री कॉलेज को गैर जरूरी बताया था।
नाराज ग्रामीणों ने भाजपा नेता के इस बयान को विकास विरोधी बताया। कहा कि एनएच पर स्थित होने के बावजूद अमोड़ी विकास की दृष्टि से बेहद पीछे हैं। लोगों की मांग पर प्रदेश सरकार द्वारा यहां दो माह पूर्व डिग्री कॉलेज खोला गया। जिसमें 60 छात्र-छात्राओं ने दाखिला भी ले लिया।
पुतला दहन करने वालों में पीडी भट्ट, दीपक बोहरा, कृष्णानंद, शंकर दत्त, तुलसी भट्ट, ईश्वरी भट्ट, रबीश चंद्र, रमेश भट्ट, सुनीता, पूजा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और कॉलेज के छात्र शामिल थे। उधर, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी मोहन सिंह अधिकारी ने कहा कि पूर्व सीएम कोश्यारी की बात का गलत अर्थ निकाला गया। दरअसल उनका कहने का मकसद कॉलेजों को खोले जाने से पूर्व पुख्ता आधारभूत ढांचा बनाया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
नाराज ग्रामीणों ने भाजपा नेता के इस बयान को विकास विरोधी बताया। कहा कि एनएच पर स्थित होने के बावजूद अमोड़ी विकास की दृष्टि से बेहद पीछे हैं। लोगों की मांग पर प्रदेश सरकार द्वारा यहां दो माह पूर्व डिग्री कॉलेज खोला गया। जिसमें 60 छात्र-छात्राओं ने दाखिला भी ले लिया।
विज्ञापन
पुतला दहन करने वालों में पीडी भट्ट, दीपक बोहरा, कृष्णानंद, शंकर दत्त, तुलसी भट्ट, ईश्वरी भट्ट, रबीश चंद्र, रमेश भट्ट, सुनीता, पूजा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और कॉलेज के छात्र शामिल थे। उधर, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी मोहन सिंह अधिकारी ने कहा कि पूर्व सीएम कोश्यारी की बात का गलत अर्थ निकाला गया। दरअसल उनका कहने का मकसद कॉलेजों को खोले जाने से पूर्व पुख्ता आधारभूत ढांचा बनाया जाना चाहिए।
विज्ञापन