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ब्लड न मिलने पर महिला की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Tue, 07 Jun 2016 10:14 PM IST
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ब्लड न मिलने पर महिला की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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बच्ची को जन्म देने के बाद अधिक रक्तस्राव से एक महिला की मौत हो गई। गमगीन माहौल में महिला का ताड़केश्वर घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
चंपावत के पास के गांव पवैत की दीपा पांडेय (34) पत्नी लोकेश पांडेय ने सोमवार शाम जिला अस्पताल में बेटी को जन्म दिया।
डा.श्वेता खर्कवाल और नर्स मंजू कैड़ा ने डिलीवरी कराई। प्रसव के कुछ घंटों बाद रात को अचानक दीपा की तबियत बिगड़ने लगी। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.आरपी खंडूरी ने बताया कि रक्तस्राव नहीं रुकने से दीपा को खून की कमी हुई।
हीमोग्लोबिन 10 ग्राम तक पहुंच गया। ब्लडप्रेशर भी सामान्य से काफी कम हो गया। तमाम प्रयास करने के बावजूद तबियत में सुधार नहीं होने पर दीपा पांडेय को रेफर किया गया। उधर, परिजनों को 108 का भी 75 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। इस बीच दीपा की हालत और बिगड़ गई। इसके बाद परिजन दीपा को नजदीकी केंद्र पिथौरागढ़ ले गए। जहां खून तो चढ़ा, पर दीपा को नहीं बचाया जा सका।
ब्लड बैंक को शुरू कराने के लिए कई बार मुख्यालय पत्र भेजा गया है। पिछले साल राज्य मानवाधिकार और इस माह के शुरू में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इसे तुरंत शुरू करने की हिदायत दी थी। अब मुख्यालय से ब्लड बैंक भवन का मैप मांगा गया है। बुधवार को इस मैप को मुख्यालय को भेजा जाएगा। औषधि नियंत्रक के मुआयने सहित ब्लड बैंक की सभी औपचारिकताओं को इस माह पूरा करवा कर इसे जल्द शुरू करवाया जाएगा।
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-डा.विनोद टोलिया, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।
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चंपावत के पास के गांव पवैत की दीपा पांडेय (34) पत्नी लोकेश पांडेय ने सोमवार शाम जिला अस्पताल में बेटी को जन्म दिया।
डा.श्वेता खर्कवाल और नर्स मंजू कैड़ा ने डिलीवरी कराई। प्रसव के कुछ घंटों बाद रात को अचानक दीपा की तबियत बिगड़ने लगी। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.आरपी खंडूरी ने बताया कि रक्तस्राव नहीं रुकने से दीपा को खून की कमी हुई।
हीमोग्लोबिन 10 ग्राम तक पहुंच गया। ब्लडप्रेशर भी सामान्य से काफी कम हो गया। तमाम प्रयास करने के बावजूद तबियत में सुधार नहीं होने पर दीपा पांडेय को रेफर किया गया। उधर, परिजनों को 108 का भी 75 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। इस बीच दीपा की हालत और बिगड़ गई। इसके बाद परिजन दीपा को नजदीकी केंद्र पिथौरागढ़ ले गए। जहां खून तो चढ़ा, पर दीपा को नहीं बचाया जा सका।
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ब्लड बैंक को शुरू कराने के लिए कई बार मुख्यालय पत्र भेजा गया है। पिछले साल राज्य मानवाधिकार और इस माह के शुरू में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इसे तुरंत शुरू करने की हिदायत दी थी। अब मुख्यालय से ब्लड बैंक भवन का मैप मांगा गया है। बुधवार को इस मैप को मुख्यालय को भेजा जाएगा। औषधि नियंत्रक के मुआयने सहित ब्लड बैंक की सभी औपचारिकताओं को इस माह पूरा करवा कर इसे जल्द शुरू करवाया जाएगा।
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-डा.विनोद टोलिया, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।