अमर उजाला फाउंडेशन का रक्तदान शिविर चंपावत जिला अस्पताल में 21 यूनिट रक्तदान हुआ
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शुक्रवार को साढ़े तीन घंटे से अधिक समय तक चले शिविर में अपार उत्साह रहा। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र दिया गया। रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र सांसद प्रतिनिधि जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी, जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी और पैथोलेाजिस्ट डॉ.राशी भटनागर ने दिया। रक्तदान का सिलसिला करीब दो बजे बाद तक चला।
ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. राशी भटनागर के नेतृत्व में रक्तदान का पूरा कार्यक्रम संपन्न हुआ। ब्लड बैंक में रक्त संग्रहण की अधिक क्षमता नहीं होने से कई लोग बगैर रक्तदान किए वापस जाने को मजबूर हुए। शिविर में ब्लड बैंक के तकनीशियन मनोज मेहता, उमेद सिंह बसेड़ा, हिमांशु कोहली आदि ने सहयोग किया। अमर उजाला फाउंडेशन के आयोजन में जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत और जन कवि डॉ. प्रकाश जोशी शूल का विशेष सहयोग रहा।
पति-पत्नी और पिता-पुत्री ने भी किया रक्तदान
चंपावत। अमर उजाला फाउंडेशन की पहल पर हुए शिविर में जल निगम के सहायक अभियंता महेंद्र सिंह मनराल और उनकी पत्नी हेमलता मनराल ने रक्तदान किया। सहायक अभियंता अब तक छह बार रक्तदान कर चुके हैं। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग के संजय पांडेय अब तक 14 बार रक्तदान कर चुके हैं। इस बार उन्होंने अपनी बेटी निशि पांडेय के साथ रक्तदान किया।
इन दानवीरों ने किया रक्तदान:
एसएसबी कर्मी इरशाद अली, कमल किशाोर फुलारा, मोहन प्रधान, दीपक, प्रकाश चौधरी, नरेश कुमार, चंद्रपाल, बसंत सिंह बोरा, रमेश चंद्र भट्ट, संजय चंद, गिरीश मिकर, महेश लुकरा, संदीप कुमार, सज्जन सिंह, जे नारायण, कमल कुमार जोशी, नरेश पाल सिंह वर्मा, चेतन वर्मा, योगेश जोशी, नारायण लाल और हनुमंत सिंह।
33 किमी दूर से रक्तदान करने आए युवा योगेश
चंपावत। कारगिल शहीदों की स्मृति में चंपावत जिला अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर में सिर्फ अर्द्धसुरक्षा बल के जवानों को आमंत्रित किया गया था लेकिन जोश से लवरेज एक युवा रक्तदान करने से अपने को रोक नहीं सका। अमर उजाला के रक्तदान शिविर की जानकारी लगने पर 19 साल के योगेश जोशी 33 किलोमीटर दूर बाराकोट से यहां पहुंच गए। जोश को देखते हुए उन्हें रक्तदान करने की इजाजत दी गई।
एसएसबी कर्मी मोहन प्रधान ने 20 वीं बार किया रक्तदान
चंपावत। एसएसबी की पंचम वाहिनी में तैनात मोहन प्रधान ने 20वीं बार रक्तदान किया। उड़ीसा के रहने वाले मोहन प्रधान कहते हैं उन्होंने पहली बार 1999 में रक्तदान किया था और तबसे तकरीबन हर साल रक्तदान करते हैं।
इन एसएसबी कर्मियों ने शहीदों के नाम पर पहली बार किया रक्तदान
अमर उजाला फाउंडेशन के शिविर में कई ऐसे एसएसबी कर्मी थे जिन्होंने कारगिल शहीदों की स्मृति में पहली बार रक्तदान किया। इनमें सज्जन सिंह चौहान, राकेश पंगरिया और महेश जुकरिया शामिल थे। उनका कहना है कि अपने अन्य साथियों की तरह ही उन्हें भी कारगिल विजय दिवस पर रक्तदान करते हुए गर्व हो रहा है।

कारगिल शहीदों की याद में पहली बार रक्तदान करने वाले सज्जन सिंह चौहान।- फोटो : CHAMPAWAT

कारगिल शहीदों की याद में पहली बार रक्तदान करने वाले चंपावत के एसएसबी कर्मी राकेश पंगरिया।- फोटो : CHAMPAWAT

20वीं बार रक्तदान करने वाले चंपावत एसएसबी कर्मी मोहन प्रधान।- फोटो : CHAMPAWAT

अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में एसएसबी कर्मियों को प्रमाणपत्र देतें सीएमएस ?- फोटो : CHAMPAWAT

अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा चंपावत में आयोजित शिविर में मौजूद एसएसबी कर्मी और स्वास्थ्य अधिकारी।- फोटो : CHAMPAWAT

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कारगिल शहीदों की स्मृति में आयोजित शिविर में चंपावत में रक्तदान करते?- फोटो : CHAMPAWAT

कारगिल शहीदों की स्मृति में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा चंपावत जिला अस्पताल में आयोजित रक्तदान शि- फोटो : CHAMPAWAT