{"_id":"5a3942994f1c1bbd208b7887","slug":"bhav-bhanjan-pratishtha-gauen-ki-riyayo-hai","type":"story","status":"publish","title_hn":"भव भंजन गुण गाऊं में अपने हरी को रिझाऊं...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भव भंजन गुण गाऊं में अपने हरी को रिझाऊं...
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Tue, 19 Dec 2017 10:17 PM IST
विज्ञापन
पाटी में आयोजित बैठकी होली में विभिन्न राग रागनियों में झूमते होल्यार।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौष मास शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में बैठकी होली का गायन शुरू हो गया है। बाराही सुगम संगीति समिति के तत्वावधान में समिति के सदस्य दिनेश चंद्र शर्मा के आवास पर हुई बैठकी होली का शुभारंभ उपाध्यक्ष खीमानंद जोशी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
विज्ञापन
संगीताचार्य भुवन चंद्र जोशी ने राग काफी में गणपति को भज लीजै रसिक वो तो आदि कहावे गीत से होली गायन का शुभारंभ किया। शिक्षक सतीश चंद्र जोशी ने जै-जै शिवशंकर-भोलेनाथ दिगंबर, भुवन जोशी ने राग धमार में मनसुख लायो हो मुदंग..., नाचत आई चंद्रावली... गाकर महफिल में चार चांद लगाए। डॉ. घनश्याम शर्मा ने श्याम सुंदर यशोदा के मोहन..., खीमानंद जोशी ने मोहन प्यारे मधुवन में आया न करो..., समिति के अध्यक्ष टीकाराम सोराड़ी ने भव भंजन गुण गाऊं मैं अपने हरी को रिझाऊं..., सुरेश भट्ट ने वन को चले दोउ भाई उन्हें समझावत नाहीं... गीत की शानदार प्रस्तुति दी।
विज्ञापन
इस दौरान दिनेश शर्मा, सतीश जोशी, नवीन जोशी, गोकुल भट्ट आदि ने भी गीत गाए। तबले पर संगत सुरेश भट्ट और टीकाराम सोराड़ी ने की। देर रात तक चली बैठकी होली में जानकी जोशी, दीपा जोशी, वैष्णवी जोशी, रेखा जोशी ने सुर में सुर मिलाया।
विज्ञापन