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सखी री मोरी साड़ी रंगा दे गुलेनार...
Mon, 25 Feb 2019 11:07 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Mon, 25 Feb 2019 11:07 PM IST
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लोहाघाट के सुंई गांव में बैठकी होली के गीतों में झूमते होल्यार।
- फोटो : अमर उजाला
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भगवती जागरण समिति की ओर से लोहाघाट के सुंई गांव में बैठकी होली का आयोजन किया गया। इस दौरान होल्यारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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होल्यार देर रात तक विभिन्न राग एवं फागों में झूमते रहे। भगवती जागरण समिति के अध्यक्ष और प्रमुख रंग कर्मी राजेश चौबे के आवास में आयोजित बैठकी होली की शुरुआत गणेश वंदना से की गई।
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उर्वादत्त चौबे ने वसंत ऋतु के आगमन पर राग काफी में आयो नवल वसंत सखी, ऋतुराज कहायो गीत से बैठकी होली की शुरूआत की। गिरीश चौबे ने राग बहार में पिया के दरस बिन बांवरी भई री, बिरहा ने कलेजुवा पे चोट दई री गीत प्रस्तुत कर समा बांध दिया। रवि चौबे ने राग देश में मैं तो कोसुंगी कुंज बिहारी लाल को, मेरी नई रे चुनरिया फारी, मेजबान राजेश चौबे ने झपताल में सखी री मोरी साड़ी रंगा दे गुलेनार, मोहन चौबे ने तीन ताल में ऋतु वसंत की आई, पिया नहीं आए, पिया घर आजा बलम घर आजा की बेहतरीन प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही लूटी।
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देर रात तक चली होली में केदार दत्त चौबे, केशव चौबे, संतोष चौबे, विक्की, हरीश, हिमांशु, उदित, प्रियांशु आदि ने सुर में सुर मिलाया। ब्यूरो