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एक्सक्लूसिव:बद्री गाय का गौ मूत्र बढ़ाएगा शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति
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चंपावत जिले के नरियालगांव पशु प्रजनन केंद्र में अर्क तैयार करने के लिए एकत्र किया गया बद्री गायो?
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। कोरोना संक्रमण के दौरान बद्री गाय (स्थानीय नस्ल की गाय) का गोमूत्र शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर साबित हो रहा है। इसके चलते जिले में पशुपालन विभाग के नरियालगांव पशु प्रजनन केंद्र में बद्री गाय के मूत्र से अर्क बनाने का कार्य शुरू हो गया है। दिल्ली की एक हेल्थ आर्गेनिक कंपनी से पशु प्रजनन केंद्र का करार भी हो गया है। यह कंपनी 28 रुपये लीटर के हिसाब से गोमूत्र का अर्क खरीदेगी।
नरियालगांव पशु प्रजनन केंद्र में 371 मवेशियों में से 163 बद्री गायें हैं। इनमें से 40 गायें इस समय प्रतिदिन कुल 120 लीटर दूध दे रही हैं। अभी तक बद्री गाय का सिर्फ दूध ही बेचा जा रहा था। मगर अक्तूबर से बद्री गोमूत्र भी बिकना शुरू हो गया है। नरियालगांव केंद्र की ओर से दिल्ली की कंपनी को प्रतिमाह गोमूत्र का 100 लीटर अर्क भेजा जाएगा। इस माह अब तक 40 लीटर अर्क कंपनी दे दिया गया है। पशु प्रजनन केंद्र के प्रभारी डॉ.राहुल जोशी ने बताया कि बद्री गाय की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। ये जंगलों में विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियों को खाती हैं। इसके चलते इनका गोमूत्र काफी गुणकारी और लाभकारी माना जाता है। गोमूत्र का अर्क खांसी जुकाम सहित कई बीमारियों से बचाने में भी कारगर है। इसका लगातार प्रयोग करने से आंखें कमजोर नहीं होती हैं। यह शारीरिक क्षमता भी बढ़ाता है।
स्थानीय महिलाओं को मिल रहा है रोजगार
चंपावत। नरियालगांव बद्री गाय प्रजनन केंद्र गोमूत्र का अर्क तैयार करने में हेल्थ ऑर्गेनिक कंपनी की ओर से यहां की स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी दिया जा रहा है। कंपनी की ओर से महिला कर्मचारियों के माध्यम से ही कार्य कराया जा रहा है। संवाद
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नरियालगांव पशु प्रजनन केंद्र में 371 मवेशियों में से 163 बद्री गायें हैं। इनमें से 40 गायें इस समय प्रतिदिन कुल 120 लीटर दूध दे रही हैं। अभी तक बद्री गाय का सिर्फ दूध ही बेचा जा रहा था। मगर अक्तूबर से बद्री गोमूत्र भी बिकना शुरू हो गया है। नरियालगांव केंद्र की ओर से दिल्ली की कंपनी को प्रतिमाह गोमूत्र का 100 लीटर अर्क भेजा जाएगा। इस माह अब तक 40 लीटर अर्क कंपनी दे दिया गया है। पशु प्रजनन केंद्र के प्रभारी डॉ.राहुल जोशी ने बताया कि बद्री गाय की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। ये जंगलों में विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियों को खाती हैं। इसके चलते इनका गोमूत्र काफी गुणकारी और लाभकारी माना जाता है। गोमूत्र का अर्क खांसी जुकाम सहित कई बीमारियों से बचाने में भी कारगर है। इसका लगातार प्रयोग करने से आंखें कमजोर नहीं होती हैं। यह शारीरिक क्षमता भी बढ़ाता है।
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स्थानीय महिलाओं को मिल रहा है रोजगार
चंपावत। नरियालगांव बद्री गाय प्रजनन केंद्र गोमूत्र का अर्क तैयार करने में हेल्थ ऑर्गेनिक कंपनी की ओर से यहां की स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी दिया जा रहा है। कंपनी की ओर से महिला कर्मचारियों के माध्यम से ही कार्य कराया जा रहा है। संवाद
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