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ग्यारह ग्राम पंचायतों को है गठन का इंतजार
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चंपावत। पिछले साल सितंबर में पंचायती चुनाव निपट गए और दो बार उपचुनाव भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जिले की 11 ग्राम पंचायतें बिना प्रतिनिधियों के हैं। ज्यादातर पंचायतों के गठन न होने से वार्ड सदस्यों के खाली पदों का होना है। बहरहाल इन पंचायतों के अस्तित्व में न आने से ग्रामीणों को कई जरूरी कामकाज के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे भी अधिक दिक्कत प्रवासियों को हो रही है।
चंपावत सहित प्रदेश के 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव पिछले साल सितंबर में हुए। फरवरी में उपप्रधानों के चुनाव भी हो गए। इसके बावजूद जिले की 313 ग्राम पंचायतों में से 302 का ही गठन हो सका है। जिले में छतकोट, रमैला, हरम, गुरखोलीगूंठ, सिल्यूड़ीगूंठ, अनर्पा, गोलडांडा, टकनागुर, नदेड़ा, सुंगरखाल, कलीगांव में ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो सका है।
बाराकोट ब्लॉक की दो ग्राम पंचायत नदेड़ा, सूंगरखाल में प्रधान का पद खाली है, जबकि शेष नौ ग्राम पंचायतों में कुल वार्डों की दो-तिहाई सीटें नहीं भर सकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायतों का गठन न होने से ग्रामीण विकास के अलावा लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है। डीपीआरओ सुरेश बेनी ने बताया कि ग्राम पंचायत के गठन के लिए दो-तिहाई वार्ड भरे होने चाहिए। ऐसा न होने की वजह से इन ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो सका है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव रावत ने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्यों के 214 पद खाली हैं।
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सिल्योड़ीगूंठ की प्रधान ने डीएम को भेजा ज्ञापन
चंपावत। पाटी ब्लॉक की सिल्योड़ीगूंठ ग्राम पंचायत का गठन न होने से प्रवासियों की स्वरोजगार की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्राम प्रधान ज्योति जोशी ने डीएम को ज्ञापन देकर ग्राम पंचायत के गठन के लिए जरूरी कार्रवाई का आग्रह किया है। बताया कि पंचायत के गठन न होने से विकास कार्यों के साथ ही समाज कल्याण से संबंधित पेंशन प्रपत्र, मनरेगा रोजगार और प्रवासियों की कल्याणकारी योजनाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। ज्ञापन में बीडीसी सदस्य आशा जोशी के भी हस्ताक्षर हैं।
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चंपावत सहित प्रदेश के 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव पिछले साल सितंबर में हुए। फरवरी में उपप्रधानों के चुनाव भी हो गए। इसके बावजूद जिले की 313 ग्राम पंचायतों में से 302 का ही गठन हो सका है। जिले में छतकोट, रमैला, हरम, गुरखोलीगूंठ, सिल्यूड़ीगूंठ, अनर्पा, गोलडांडा, टकनागुर, नदेड़ा, सुंगरखाल, कलीगांव में ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो सका है।
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बाराकोट ब्लॉक की दो ग्राम पंचायत नदेड़ा, सूंगरखाल में प्रधान का पद खाली है, जबकि शेष नौ ग्राम पंचायतों में कुल वार्डों की दो-तिहाई सीटें नहीं भर सकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायतों का गठन न होने से ग्रामीण विकास के अलावा लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है। डीपीआरओ सुरेश बेनी ने बताया कि ग्राम पंचायत के गठन के लिए दो-तिहाई वार्ड भरे होने चाहिए। ऐसा न होने की वजह से इन ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो सका है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव रावत ने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्यों के 214 पद खाली हैं।
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सिल्योड़ीगूंठ की प्रधान ने डीएम को भेजा ज्ञापन
चंपावत। पाटी ब्लॉक की सिल्योड़ीगूंठ ग्राम पंचायत का गठन न होने से प्रवासियों की स्वरोजगार की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्राम प्रधान ज्योति जोशी ने डीएम को ज्ञापन देकर ग्राम पंचायत के गठन के लिए जरूरी कार्रवाई का आग्रह किया है। बताया कि पंचायत के गठन न होने से विकास कार्यों के साथ ही समाज कल्याण से संबंधित पेंशन प्रपत्र, मनरेगा रोजगार और प्रवासियों की कल्याणकारी योजनाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। ज्ञापन में बीडीसी सदस्य आशा जोशी के भी हस्ताक्षर हैं।