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जूनियर स्तर में प्रदेश का पहला एटीएल कुलेठी में खुला
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कुलेठी जूनियर हाईस्कूल के निर्माणाधीन दूसरी मंजिल में होगा अटल टिकरिंग लैब का संचालन।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जूनियर हाईस्कूल स्तर में प्रदेश का पहली अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) कुलेठी में खुल गई है। भारत सरकार के नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन के तहत मंजूर इस एटीएल के लिए 12 लाख रुपये भी मिल गए हैं। एटीएल के जरिये विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुझान और नवाचार को प्रेरित करना है।
हिमवत्स संस्था की ओर गोद लिए गए कुलेठी राजकीय जूनियर हाईस्कूल के अलावा खर्ककार्की, दुबचौड़ा, जीआईसी, जीजीआईसी के छह सौ से अधिक विद्यार्थी इस लैब का लाभ उठा सकेंगे। यह लैब पांच अक्तूबर से शुरू हो गई है। सीईओ आरसी पुरोहित का कहना है कि इस लैब से युवा अन्वेषकों की पहुंच अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों (3-डी प्रिटिंग, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, माइक्रोप्रोसेसर) तक हो सकेगी। बाल अन्वेषकों के लिए नवाचार हब के रूप में काम करेंगे। इससे युवा स्थानीय समस्याओं का नये नजरिये के साथ समाधान खोज सकेंगे। हिमवत्स संस्था के अध्यक्ष आईआईटी के सेवानिवृत्त प्रो. एचडी बिष्ट का इस एटीएल को खुलवाने में बेहद अहम भूमिका रही है। संस्था के सचिव और सेवानिवृत्त सीएमएस डॉ. जीवी बिष्ट ने बताया कि लैब के लिए भारत सरकार की ओर से 12 लाख रुपये दिए गए हैं। कंप्यूटर और भौतिकी विषय के लिए दूसरे सरकारी स्कूलों से शिक्षकों की संबद्धता का भी अनुमोदन हो चुका है। लैब का लाभ छठी से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिलेगा।
ये है एटीएल का उद्देश्य
एटीएल के जरिये विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक समझ और उद्यमिता की भावना विकसित की जाएगी। युवाओं को ऐसा कौशल दिया जाएगा, जो प्रौद्योगिकी के जरिये समाधान की राह बताए। बाल अन्वेषकों के अभिनव कौशल, युवाओं की परियोजनाओं में गुणवत्तापूर्ण सुधार की पहल की जाएगी। ताकि यह युवा नवाचार और उद्यमी के रूप में तैयार हो सके।
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हिमवत्स संस्था की ओर गोद लिए गए कुलेठी राजकीय जूनियर हाईस्कूल के अलावा खर्ककार्की, दुबचौड़ा, जीआईसी, जीजीआईसी के छह सौ से अधिक विद्यार्थी इस लैब का लाभ उठा सकेंगे। यह लैब पांच अक्तूबर से शुरू हो गई है। सीईओ आरसी पुरोहित का कहना है कि इस लैब से युवा अन्वेषकों की पहुंच अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों (3-डी प्रिटिंग, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, माइक्रोप्रोसेसर) तक हो सकेगी। बाल अन्वेषकों के लिए नवाचार हब के रूप में काम करेंगे। इससे युवा स्थानीय समस्याओं का नये नजरिये के साथ समाधान खोज सकेंगे। हिमवत्स संस्था के अध्यक्ष आईआईटी के सेवानिवृत्त प्रो. एचडी बिष्ट का इस एटीएल को खुलवाने में बेहद अहम भूमिका रही है। संस्था के सचिव और सेवानिवृत्त सीएमएस डॉ. जीवी बिष्ट ने बताया कि लैब के लिए भारत सरकार की ओर से 12 लाख रुपये दिए गए हैं। कंप्यूटर और भौतिकी विषय के लिए दूसरे सरकारी स्कूलों से शिक्षकों की संबद्धता का भी अनुमोदन हो चुका है। लैब का लाभ छठी से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिलेगा।
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ये है एटीएल का उद्देश्य
एटीएल के जरिये विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक समझ और उद्यमिता की भावना विकसित की जाएगी। युवाओं को ऐसा कौशल दिया जाएगा, जो प्रौद्योगिकी के जरिये समाधान की राह बताए। बाल अन्वेषकों के अभिनव कौशल, युवाओं की परियोजनाओं में गुणवत्तापूर्ण सुधार की पहल की जाएगी। ताकि यह युवा नवाचार और उद्यमी के रूप में तैयार हो सके।
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