फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Assigned to the son of parents after counseling

माता-पिता की काउंसलिंग के बाद बेटे को सौंपा

Wed, 03 Feb 2016 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर Updated Wed, 03 Feb 2016 10:47 PM IST
विज्ञापन

पिता द्वारा घर से निकाले गए मासूम दीपक को रीड्स संस्था ने नेपाल पुलिस की मौजूदगी में माता-पिता की काउंसलिंग कर उनके सुपुर्द कर दिया है। नेपाल पुलिस ने पिता को दोबारा बच्चे के साथ ऐसा व्यवहार किए जाने पर कार्रवाई की भी हिदायत दी है।

विज्ञापन


नेपाल के महेंद्र नगर गोबरिया वार्ड संख्या 18 निवासी हजारी भट्ट ने कक्षा पांच में पढ़ने वाले अपने 12 वर्षीय बेटे दीपक को सिर्फ इसलिए घर ने निकाल दिया था कि वह स्कूल के मासिक टेस्ट में कम नंबर लाया था। भट्ट ने दीपक की पहले पिटाई की और फिर उसे भारत-नेपाल बार्डर में घर वापस न आने की हिदायत देकर छोड़ दिया था। डरा-सहमा दीपक भूखा रहकर तीन दिन तक ठंड में शारदा के खनन क्षेत्र में बने गड्ढों में छिपा रहा। भूख और ठंड से उसे खूनी पेचिस भी होने लगी थी।
विज्ञापन


खनन कारोबारी भुवन कश्यप की नजर में आए मासूम दीपक को रीड्स संस्था के सुपुर्द किया गया था। संस्था के सचिव भुवन गड़कोटी ने बताया कि सूचना पर गड्डाचौकी (नेपाल) थाने के इंचार्ज राजेंद्र भंडारी दीपक के माता-पिता को लेकर बनबसा पहुंचे। माता-पिता की काउंसलिंग करने के बाद दीपक को उनके सुपुर्द कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed