{"_id":"5c3cc88fbdec22735a793737","slug":"army-veterans-day-celebration-in-army-cantonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेना छावनी में धूमधाम से मनाया आर्मी वेटरन्स डे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेना छावनी में धूमधाम से मनाया आर्मी वेटरन्स डे
Mon, 14 Jan 2019 11:06 PM IST
kamlesh kamlesh
अमर उजाला ब्यूरो बनबसा (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो बनबसा (चंपावत)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 14 Jan 2019 11:06 PM IST
विज्ञापन
बनबसा में वीरनारी को सम्मानित करते स्टेशन कमांडर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बनबसा सैनिक छावनी में आर्मी वेटरन्स डे (पूर्व सैनिक दिवस) धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर क्षेत्र की वीर नारियों और 80 वर्ष से अधिक आयु के पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
सैनिक छावनी के प्रशासनिक अधिकारी (स्टेशन कमांडर) की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में सर्वप्रथम दो मिनट का मौन रख शहीदों को श्रद्धांजली दी गई। बताया गया कि भारतीय सेना के पहले सेनाध्यक्ष केएम करिअप्पा की सेवाओं की याद में भारतीय सेना की ओर से प्रतिवर्ष आर्मी वेटरन्स डे मनाया जाता है।
विज्ञापन
इस मौके पर 22 सिख रेजीमेंट के जवानों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भंगड़ा की प्रस्तुति देकर लोहड़ी और मकर संक्रांति की याद ताजा कर दी। कार्यक्रम में 30 वीरनारियों, अस्सी वर्ष से अधिक आयु के 15 पूर्व सैनिकों और 15 सैनिकों की पत्नियों को सम्मानित किया गया। स्टेशन कमांडर ने कहा कि भारतीय सेना के गौरवमय इतिहास को बयां करने के लिए शब्दों की कमी पड़ जाएगी।
विज्ञापन
कहा कि सेना के जवान सीमाओं की रक्षा, युद्ध के अलावा शांतिकाल में दैवीय आपदा में भी काम करते हैं। स्टेशन कमांडर ने पूर्व सैनिकों, आश्रितों और वीरनारियों से उनकी समस्याओं के बारे में भी बात की। संचालन 22 सिख रेजीमेंट के एजूकेशन कोर के हवलदार मुकेश यादव ने किया।
कार्यक्रम में गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष से.नि. कैप्टन भानी चंद, खटीमा पूर्व सैनिक कल्याण समिति अध्यक्ष से.नि. सूबेदार कुंवर सिंह खनका, नानकमत्ता पूर्व सैनिक संगठन के कै. सुरजीत सिंह, कै. भूपेंद्र चद, विक्रम सिंह खाती के अलावा कई पूर्व सैनिक मौजूद थे।