फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Bhojanmata controversy in Uttarakhand: Apoint of Bhojanmata in GIC Sukhikhang

भोजनमाता विवाद प्रकरण सुलझा: ग्रामीणों के साथ एसडीएम की बैठक के बाद बनी सहमति, तीन सदस्यीय समिति जल्द देगी जांच रिपोर्ट

Sun, 26 Dec 2021 11:13 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंपावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चंपावत Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Sun, 26 Dec 2021 11:13 AM IST
सार

टनकपुर के एसडीएम हिमांशु कफल्टिया की अध्यक्षता में स्कूल प्रबंधन, ग्रामीणों, जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक में तय हुआ कि सभी 66 छात्र-छात्राएं मध्याह्न भोजन एक साथ करेंगे।

विज्ञापन
Bhojanmata controversy in Uttarakhand:  Apoint of Bhojanmata in GIC Sukhikhang
भोजनमाता विवाद के बीच सूखीढांग में ग्रामीणों से वार्ता करते टनकपुर के एसडीएम हिमांशु कफल्टिया। - फोटो : CHAMPAWAT

विस्तार

उत्तराखंड के चंपावत जिले में सूखीढांग जीआईसी का भोजनमाता की नियुक्त संबंधी विवाद का प्रकरण सुलझ गया है। शनिवार को टनकपुर के एसडीएम हिमांशु कफल्टिया की अध्यक्षता में स्कूल प्रबंधन, ग्रामीणों, जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक में तय हुआ कि सभी 66 छात्र-छात्राएं मध्याह्न भोजन एक साथ करेंगे। नियुक्ति विवाद की जांच के लिए डीएम के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति के फैसले को सभी पक्ष मानेंगे। तय किया गया कि क्षेत्र के सामाजिक सौहार्द को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।

विज्ञापन


एससी छात्रों ने सवर्ण भोजनमाता के हाथ से बना भोजन खाने से इनकार कर दिया
सूखीढांग जीआईसी पिछले दिनों एससी भोजनमाता के हाथ से बना भोजन सवर्ण छात्रों ने खाने से इनकार करने की बात सामने आने के बाद चर्चाओं में आ गया था। मामला अखबारों से लेकर सोशल मीडिया पर छाया रहा। अगले दिन शुक्रवार को एससी छात्रों ने सवर्ण भोजनमाता के हाथ से बना भोजन खाने से इनकार कर दिया।

विज्ञापन


विवाद की जानकारी होने और सरकार की खराब होती छवि के बीच शनिवार को एसडीएम ने सुलह की पहल के लिए सूखीढांग में बैठक बुलाई। सूखीढांग जीआईसी अभिभावक-शिक्षक संघ के अध्यक्ष नरेंद्र जोशी, संघ के पदेन उपाध्यक्ष प्रधानाचार्य प्रेम सिंह, सीईओ आरसी पुरोहित, डीईओ (प्रारंभिक शिक्षा) सत्यनारायण, बीईओ अंशुल बिष्ट, सीओ अशोक कुमार सिंह, तहसीलदार पिंकी आर्या, ग्राम पंचायत सदस्य पूजा बिष्ट, सतीश, महेश चंद्र, निशा गहतोड़ी और हरी देवी, बीडीसी सदस्य दीपा जोशी, ग्राम प्रधान दीपक राम ने मामले का पटाक्षेप करने में सहमति जताई।

विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तराखंड में भोजनमाता विवाद: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया मामले का संज्ञान, डीआईजी को जांच के निर्देश


तय हुआ कि दो दिन पहले इस्तीफा देने वाले ग्राम पंचायत के पांचों सदस्य त्यागपत्र वापस लेंगे। वहीं ग्राम प्रधान भी अपनी शिकायत वापस लेने के लिए राजी हो गए। इधर, देहरादून से चंपावत आते वक्त एसपी देवेंद्र पींचा ने भी कुछ देर सूखीढांग में रुक कर जायजा लिया और मातहतों को निष्पक्ष जांच के साथ हालात को किसी भी सूरत में नहीं बिगड़ने देने के निर्देश दिए।


बैठक में इन मुद्दों पर बनी सहमति:
1- भोजनमाता भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच।
2- भोजनमाता भर्ती प्रक्रिया पर नियमों के मुताबिक कार्यवाही की जाए।
3- ग्राम प्रधान के शिकायत वापस लेने के साथ ही त्यागपत्र देने वाले ग्राम पंचायत के सभी पांचों सदस्य इस्तीफा वापस लेंगे।
4- क्षेत्र में विद्वेष और जातिगत मनमुटाव को खत्म कर पहले की तरह भाईचारा, सौहार्दपूर्ण व्यवहार किया जाएगा।
5- मामला गांव का आंतरिक मामला है लिहाजा ग्रामीण इसे आपस में सुलझाएंगे और बाहरी दखलंदाजी स्वीकार नहीं करेंगे।
 

तीन सदस्यीय समिति जल्द देगी जांच रिपोर्ट
भोजनमाता विवाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीएम विनीत तोमर ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति में दो सदस्य दूसरे विभागों के होंगे। मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित की अध्यक्षता में बनने वाली इस जांच समिति में दो सदस्यों में एक महिला और दूसरा अनुसूचित जाति वर्ग का अधिकारी होगा। समिति एक हफ्ते में जांच पूरी कर लेगी।

भोजनमाता सुनीता से मिले सांसद टम्टा
राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कहा कि क्षेत्र में किसी तरह के जातीय या सामाजिक सौहार्द को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। शनिवार को इस घटना का जायजा लेने सूखीढांग पहुंचे सांसद ने कहा कि जीआईसी में आठवीं कक्षा तक कुल 66 छात्र-छात्राएं हैं, जिनके लिए दो भोजनमाता नियुक्त की जाती है। पर यहां एक ही भोजनमाता पुष्पा भट्ट तैनात हैं।

दूसरी भोजनमाता सुनीता देवी की तैनाती सही है, लेकिन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सांसद ने कहा कि प्रक्रिया को पूरा करना या अनुमोदन लेना विभाग का काम है। उसकी इस हीलाहवाली से ये नौबत आई है। सांसद टम्टा बाद में भोजनमाता सुनीता देवी के घर भी गए और उन्हें इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया। सांसद के साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष पूरन सिंह कठायत और युकां जिलाध्यक्ष सूरज प्रहरी भी थे।



हटाई गई भोजन माता को केजरीवाल सरकार देगी नौकरी : गौतम 
स्कूल से हटाई गई भोजन माता को केजरीवाल सरकार नौकरी देगी। शनिवार को दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने यह एलान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार स्कूलों में जातिवाद और छुआछूत को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि चंपावत जिले के एक सरकारी स्कूल में अनुसूचित जाति की भोजन माता के बनाए मिड-डे मील को सामान्य वर्ग के छात्रों ने खाने से इंकार कर दिया। जिसके बाद स्कूल प्रबंधन कमेटी ने भोजन माता सुनीता देवी को हटा दिया। नौकरी से निकालने की वजह गलत तरीके से नियुक्ति बताई गई। 

गौतम ने कहा कि बच्चों को समझाने की बजाय महिला को ही नौकरी से निकाल दिया। सरकार को नफरत फैलाने वाले लोगों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। उन्होंने एलान किया कि दिल्ली सरकार सुनीता को भोजन माता के रूप में नियुक्ति देगी। उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्री होने के नाते सुनीता को न्योता दिया कि दिल्ली आए और केजरीवाल सरकार उन्हें भोजन बनाने का काम देगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed