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मानव तस्करी के लिए सीमा से लगा इलाका संवेदनशील
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 26 Feb 2016 10:01 PM IST
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मानव तस्करी पर अंकुश (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के लिए शुक्रवार को एक दिनी कार्यशाला हुई। जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने मानव तस्करी रोकने को दूरदराज के क्षेत्रों में राजस्व उप निरीक्षकों से पैनी नजर रखने की हिदायत दी। उन्होंने कानूनी उपायों के अलावा संबंधित विभागों को इसे लेकर लोगों को जागरूक करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
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देहरादून से आए मास्टर ट्रेनर ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में नेपाल सीमा से लगे बनबसा, बूम, पंचेश्वर, गुमदेश, घाट आदि इलाका संवेदनशील है। इन इलाकों में स्थानीय लोगों से सहयोग लेने के अलावा पुलिस, एसएसबी और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से पैनी नजर रखनी चाहिए।
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एसपी दिलीप सिंह कुंवर ने पुलिस और राजस्व विभाग कर्मियों को मानव तस्करी के कारण और रोकथाम के टिप्स दिए। बताया गया कि गरीबी, अज्ञानता, अशिक्षा सहित कई कारण इसमें मुख्य हैं। कार्यशाला में एसएसएबी के द्वितीय कमान अधिकारी सोनम छेरिंग, एसडीएम भगत सिंह फोनिया, सीएस डोबाल, कलक्ट्रेट की प्रभारी अधिकारी सीमा विश्वकर्मा, परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट, डीडीओ वीके उपाध्याय, एपीडी केएन तिवारी, कोतवाल देवेंद्र सिंह दिगारी, चेयरमैन प्रकाश तिवारी, व्यापार संघ अध्यक्ष त्रिभुवन गिरि, उपाध्यक्ष अमरनाथ सक्टा आदि मौजूद थे।
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