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70 किमी दूर से अस्पताल पहुंची गर्भवती रेफर, निजी अस्पताल में हुआ सामान्य प्रसव

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Nov 2020 11:09 PM IST
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ANC in Champawat
निजी अस्पताल में भर्ती कुलियालगांव की प्रसूता मंजू देवी। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। लोहाघाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को उच्चीकृत कर उप जिला अस्पताल तो बनाया गया, बावजूद इसके यह अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा में रत्तीभर भी सुधार नहीं हुआ है। इसकी उपयोगिता एक बार फिर कटघरे में है। जिस केस जटिल बताकर जिस गर्भवती को हायर सेंटर रेफर किया गया, उसका बमुश्किल तीन घंटे के भीतर लोहाघाट के एक निजी अस्पताल में सामान्य प्रसव हो गया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ऐहतियातन नवजात को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
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लधिया घाटी के कुलियालगांव की गर्भवती मंजू देवी (29) पत्नी भगवान राम कोहली को सोमवार तड़के निजी वाहन से 70 किमी दूर लोहाघाट उप जिला अस्पताल लाया गया। डॉ. सोनाली मंडल ने बताया कि जरूरी उपचार के बाद गर्भवती की हालात में सुधार नहीं हुआ। महिला के केस को जटिल बताकर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजनों ने जिला अस्पताल में संपर्क किया तो पता चला कि गायनोकोलॉजिस्ट न होने से यहां भी जटिल केस का इलाज मुश्किल होगा।
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परिजनों का कहना है कि सोमवार शाम मंजू देवी को लोहाघाट के निजी अस्पताल में ले जाया गया। अस्पताल में इस बीच परीक्षण चल ही रहा था कि शाम करीब छह बजे महिला का सामान्य प्रसव हो गया। निजी अस्पताल के प्रबंधक आशीष पांडेय का कहना है कि जच्चा-बच्चा दोनों ठीक हैं। अलबत्ता, एहतियातन नवजात को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
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28 अगस्त से मातृत्व अवकाश में हैं गायनोकोलॉजिस्ट
चंपावत जिला अस्पताल में 2017 के बाद इस साल जून में गायनोकोलॉजिस्ट की तैनाती हुई। डॉ. मोनिका की मौजूदगी में अगस्त तक 60 से ज्यादा प्रसव हुए, लेकिन गायनोकोलॉजिस्ट 28 अगस्त से 180 दिन के मातृत्व अवकाश पर हैं। उनके अवकाश पर होने के बाद से एक बार फिर से जिला अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ नहीं हैं।

गर्भवती के इलाज को लेकर लोहाघाट अस्पताल बात की थी। उन्हें बताया गया था कि जटिल केस होने से गर्भवती और शिशु के जीवन को खतरे का अंदेशा है। विशेषज्ञ डॉक्टर न होने और ऑपरेशन की सुविधा न होने से उच्च केंद्र रेफर किया गया। मामले में अस्पताल की ओर से कोई लापरवाही हुई है या नहीं, ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा। - डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।
इस साल गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीजों के प्रमुख प्रकरण
26 मई : चल्थी में 108 एंबुलेंस में जन्मे नवजात की हल्द्वानी पहुंचने से पहले मौत।
15 जून : जिला अस्पताल के हाथ खड़े करने पर दूसरे अस्पताल में हुआ था सामान्य प्रसव।
12 अक्तूबर : 108 एंबुलेंस कर्मियों ने पाटी ब्लॉक के कमलेख लधौन गांव में खेत में कराया सुरक्षित प्रसव।
20 अक्तूबर : जटिल बता हायर सेंटर रेफर किया लेकिन चंपावत निजी अस्पताल में हुआ सामान्य प्रसव।
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