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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   After the end of the reduction of hospital doctors in PPP mode

पीपीपी मोड हटने के बाद अस्पताल में डाक्टरों की हुई कमी

Fri, 18 Nov 2016 10:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत) Updated Fri, 18 Nov 2016 10:22 PM IST
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पीपीपी मोड से हटने के बाद सरकारी व्यवस्था के तहत संचालित हो रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी डॉक्टरों की भारी कमी के चलते रोगियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। लोग दूरस्थ क्षेत्रों से उपचार के लिए सुबह से ही अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते काफी दिक्कतें हो रही हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मंजीत सिंह, होम्योपैथिक डॉ. केसी ततराड़ी, फार्मासिस्ट मनोज कुमार और रोशन लाल  रोगियों की देखरेख में जुटे हैं।
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 शुक्रवार को उपचार के लिए आई चौमेल की भागा देवी, प्रेमनगर की नीलावतरी देवी, दीपा बिष्ट, ईश्वरी देवी, रेखा  माहरा, हेमा बोहरा आदि का कहना था कि वह सुबह से उपचार के लिए अस्पताल में आई हुई थी। अस्पताल में महिला डाक्टर के न होने से उन्हें काफी कठिनाईयों  का सामना करना पड़ा।
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महिला चिकित्सक के न होने के चलते दूरस्थ क्षेत्रों की  कई गर्भवती और अन्य महिलाओं को निराश होकर लौटना पड़ा। लोगों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने सीएमओ से वार्ता कर शीघ्र सीएचसी में डाक्टरों को भेजने के लिए कहा। पहले  पीपीपी में भी व्यवस्थाओं से क्षेत्र की जनता नाराज थी आज अब पीपीपी मुक्त हो गया तो विभाग डॉक्टरों को अस्पताल में नहीं भेज रहा है। 
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