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38 दिन बाद आज से जिला अस्पताल में फिर शुरू होगा इलाज
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चंपावत। उपचार के लिए जिला अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। 38 दिन के बाद यहां लोगों को फिर से इलाज (वाह्य मरीज विभाग) मिल सकेगा। वाह्य रोगियों का इलाज नहीं होने से अब तक लोगों को दिक्कत हो रही थी।
कोविड की दूसरी लहर की चपेट में आए लोगों के इलाज का जिम्मा जिला अस्पताल का था। इस वजह से यहां पहली मई से वाह्य रोगियों का इलाज नहीं हो रहा था। अलबत्ता अब इसे फिर से शुरू किया जाएगा। जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि कोविड संक्रमण पर काबू होने के बाद आठ जून से वाह्य रोगियों का फिर से इलाज शुरू होगा। वहीं एक मई से सात जून तक आकस्मिक और आपात चिकित्सा सेवा जारी रही। इन 37 दिनों में 532 लोगों का आपात चिकित्सा सेवा में उपचार किया गया। बता दें कि पिछले साल कोरोना के शुरू में भी एक माह तक ओपीडी बंद रही थी।
509 भर्ती मरीजों में से 492 ठीक हुए
चंपावत। डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर (डीसीएचसी) के रूप में काम करने वाले जिला अस्पताल में कोरोना की दूसरी लहर में 509 संक्रमित भर्ती हुए थे। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. गौरांग जोशी ने बताया कि इस साल पहली अप्रैल से सात मई तक कुल 509 कोरोना संक्रमित भर्ती हुए। इसमें से 492 मरीजों को ठीक होकर छुट्टी मिल गई। जबकि चार अभी भी भर्ती हैं। वहीं 13 लोगों को संक्रमण से जान भी गंवानी पड़ी। यद्यपि बड़ी संख्या में गंभीर रूप से संक्रमित होने के बाद मरीज अस्पताल में भर्ती हुए, इसके बावजूद ठीक होने वालों की दर (97.44 प्रतिशत) बेहद शानदार रही।(संवाद)
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कोरोना काल में जिला अस्पताल में कम आ रहे मरीज
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में कोविड वार्ड बनने के बावजूद सामान्य मरीजों का उपचार भी चल रहा है। सीएमओ डॉ. एचसी पंत ने बताया कि जिला अस्पताल में कोविड वार्ड बनने के बाद मरीजों की ओपीडी का संचालन जारी है। हालांकि कोविड के कारण मरीजों की संख्या कम रही। अन्य दिनों में जहां 400 से अधिक मरीज आते थे। वहीं कोविड संक्रमण के दौरान प्रतिदिन मरीजों की संख्या 100 के लगभग रही। इनमें भी आपात स्थिति वाले मरीजों की संख्या अधिक रही है। ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की। लोगों के आंखों के ऑपरेशन कोविड के कारण प्रभावित रहे। (संवाद)
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कोविड की दूसरी लहर की चपेट में आए लोगों के इलाज का जिम्मा जिला अस्पताल का था। इस वजह से यहां पहली मई से वाह्य रोगियों का इलाज नहीं हो रहा था। अलबत्ता अब इसे फिर से शुरू किया जाएगा। जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि कोविड संक्रमण पर काबू होने के बाद आठ जून से वाह्य रोगियों का फिर से इलाज शुरू होगा। वहीं एक मई से सात जून तक आकस्मिक और आपात चिकित्सा सेवा जारी रही। इन 37 दिनों में 532 लोगों का आपात चिकित्सा सेवा में उपचार किया गया। बता दें कि पिछले साल कोरोना के शुरू में भी एक माह तक ओपीडी बंद रही थी।
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509 भर्ती मरीजों में से 492 ठीक हुए
चंपावत। डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर (डीसीएचसी) के रूप में काम करने वाले जिला अस्पताल में कोरोना की दूसरी लहर में 509 संक्रमित भर्ती हुए थे। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. गौरांग जोशी ने बताया कि इस साल पहली अप्रैल से सात मई तक कुल 509 कोरोना संक्रमित भर्ती हुए। इसमें से 492 मरीजों को ठीक होकर छुट्टी मिल गई। जबकि चार अभी भी भर्ती हैं। वहीं 13 लोगों को संक्रमण से जान भी गंवानी पड़ी। यद्यपि बड़ी संख्या में गंभीर रूप से संक्रमित होने के बाद मरीज अस्पताल में भर्ती हुए, इसके बावजूद ठीक होने वालों की दर (97.44 प्रतिशत) बेहद शानदार रही।(संवाद)
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कोरोना काल में जिला अस्पताल में कम आ रहे मरीज
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में कोविड वार्ड बनने के बावजूद सामान्य मरीजों का उपचार भी चल रहा है। सीएमओ डॉ. एचसी पंत ने बताया कि जिला अस्पताल में कोविड वार्ड बनने के बाद मरीजों की ओपीडी का संचालन जारी है। हालांकि कोविड के कारण मरीजों की संख्या कम रही। अन्य दिनों में जहां 400 से अधिक मरीज आते थे। वहीं कोविड संक्रमण के दौरान प्रतिदिन मरीजों की संख्या 100 के लगभग रही। इनमें भी आपात स्थिति वाले मरीजों की संख्या अधिक रही है। ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की। लोगों के आंखों के ऑपरेशन कोविड के कारण प्रभावित रहे। (संवाद)