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Champawat News: 11 साल बाद ढुंगा जोशी में लहलहाएंगे बंजर खेत
Wed, 06 Aug 2025 10:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 06 Aug 2025 10:57 PM IST
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बाराकोट के ग्राम ढूंगा जोशी में बंजर भूमि का निरीक्षण करते अधिकारी। स्रोत : विभाग
चंपावत। सहकारिता विभाग ने जिले में माधो सिंह भंडारी संयुक्त सहकारी सामूहिक खेती योजना के तहत 11 साल बाद किसानों की बंजर भूमि को हरा-भरा करने का काम शुरू कर दिया है। योजना के तहत पहले चरण में नई सहकारी समिति गठित करने का प्रस्ताव पास किया गया।
विकासखंड बाराकोट में ग्राम ढुंगा जोशी में मुख्य उद्यान अधिकारी हरीश लाल कोहली, जिला सहायक निबंधक (सहकारिता) सुभाष चंद्र गहतोड़ी और भू स्वामियों मौजूदगी में योजना के अंतर्गत चयनित भूमि का भ्रमण किया गया। स्थलीय निरीक्षण के दौरान चयनित भूमि एक स्थान पर न होकर अलग-अलग जगह पाई गई। ग्रामवासियों ने अवगत कराया कि 2014 से पूर्व खेती की जाती थी। इसके बाद भूमि में खेती नहीं की गई। 22 किसानों की लगभग हजार नाली भूमि सड़क से एक किमी की दूरी पर है। मौके पर मात्र तीन कृषक ही गांव में मौजूद थे। इस दौरान समिति के गठन के लिए चर्चा की गई।
विभिन्न विभाग मिलकर करेंगे काम
बंजर भूमि को उद्यान, कृषि, दुग्ध, मत्स्य, पशुपालन, सिंचाई, लघु सिंचाई, विकास और सहकारिता विभाग के माध्यम से हरा-भरा बनाया जाएगा। इसके लिए संबंधित किसानों को जमीन का किराया दिया जाएगा और उत्पादों को बेचकर भूमि को और अधिक विकसित करने का कार्य किया जाएगा। सुभाष चंद्र गहतोड़ी, जिला सहायक निबंधक (सहकारिता)।
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विकासखंड बाराकोट में ग्राम ढुंगा जोशी में मुख्य उद्यान अधिकारी हरीश लाल कोहली, जिला सहायक निबंधक (सहकारिता) सुभाष चंद्र गहतोड़ी और भू स्वामियों मौजूदगी में योजना के अंतर्गत चयनित भूमि का भ्रमण किया गया। स्थलीय निरीक्षण के दौरान चयनित भूमि एक स्थान पर न होकर अलग-अलग जगह पाई गई। ग्रामवासियों ने अवगत कराया कि 2014 से पूर्व खेती की जाती थी। इसके बाद भूमि में खेती नहीं की गई। 22 किसानों की लगभग हजार नाली भूमि सड़क से एक किमी की दूरी पर है। मौके पर मात्र तीन कृषक ही गांव में मौजूद थे। इस दौरान समिति के गठन के लिए चर्चा की गई।
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विभिन्न विभाग मिलकर करेंगे काम
बंजर भूमि को उद्यान, कृषि, दुग्ध, मत्स्य, पशुपालन, सिंचाई, लघु सिंचाई, विकास और सहकारिता विभाग के माध्यम से हरा-भरा बनाया जाएगा। इसके लिए संबंधित किसानों को जमीन का किराया दिया जाएगा और उत्पादों को बेचकर भूमि को और अधिक विकसित करने का कार्य किया जाएगा। सुभाष चंद्र गहतोड़ी, जिला सहायक निबंधक (सहकारिता)।
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