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साढ़े चार साल बाद फिर खुलेगा तल्लादेश का आईटीआई

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 14 May 2022 11:45 PM IST
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Admission in ITI Talladesh
तल्लादेश के मंच का आईटीआई भवन। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस विधानसभा क्षेत्र की दावेदारी से पहले ही यहां की कई व्यवस्थाओं में सुधार होने लगा है। दिसंबर 2017 से बंद इस औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के दरवाजे अब खुल जाएंगे। आचार संहिता लागू होने से कुछ दिन पहले बाकायदा इसकी अनुमति मिल गई है।
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नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश मंच के आईटीआई को पिछले साल दो सितंबर को 1.95 करोड़ रुपये से बने भवन का लोकार्पण हुआ था लेकिन भवन होने के बावजूद इस आईटीआई में प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा था। सितंबर 2015 में खुला तल्लादेश का आईटीआई दिसंबर 2017 से पूरी तरह बंद था। स्टेट कौंसिल ऑन वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) श्रेणी में शामिल इस आईटीआई में आधारभूत ढांचा न होने से यह संस्थान बंद था लेकिन अब साढ़े चार साल बाद इस आईटीआई का फिर से संचालन होगा। आईटीआई टनकपुर के प्रधानाचार्य कवींद्र सिंह कन्याल ने बताया कि तल्लादेश आईटीआई में नए सत्र से इलेक्ट्रीशियन और कंप्यूटर ऑफ प्रोग्रामिंग एप्लीकेशन (कोपा) ट्रेड संचालित किए जाएंगे। इसकी अनुमति मिल गई है। इस आईटीआई के खुलने से तल्लादेश क्षेत्र के नौजवानों को अपने गांव के पास रोजगारपरक प्रशिक्षण मिल सकेगा।
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एससीवीटी श्रेणी के पांच आईटीआई अब भी बंद
चंपावत। जिले के कुल नौ में से केवल तीन आईटीआई टनकपुर, चंपावत, खेतीखान के नेशनल कौंसिल ऑन वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) श्रेणी के हैं। इन तीन संस्थाओं के पास भवन सहित मजबूत बुनियादी ढांचा है। ये सभी संस्थान हैं जबकि बकाया छह आईटीआई एससीवीटी श्रेणी के हैं। तल्लादेश का संचालन इस सत्र से हो जाएगा लेकिन बाराकोट, दिगालीचौड़, भिंगराड़ा, बनबसा, रेगड़ू के शेष पांच आईटीआई चार साल से अधिक समय से बंद हैं।
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तल्लादेश के विकास की राह में चुनौतियों का अंबार
चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश में आईटीआई तो इस सत्र से संचालित हो जाएगा, लेकिन इतने भर से क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। इस क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए लंबी कवायद करनी होगी। क्षेत्र के लोगों का कहना हे कि मोबाइल नेटवर्किंग से लेकर सेहत, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेयजल, नए संपर्क मार्गों के विस्तार की जरूरत है। रविवार को चुनावी कार्यक्रम के दौरान तल्लादेश के तामली आ रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने भी इनमें से कई समस्याएं उठाएंगे।
सीएम के सम्मुख तल्लादेश क्षेत्र के लोग उठाएंगे ये मांगें
1. तामली के लिए लोहावती या काली नदी से लिफ्ट पेयजल योजना बने।
2. जीआईसी में प्रधानाचार्य सहित शिक्षकों के खाली पदों को भरें।
3. जूनियर कन्या हाईस्कूल और राजकीय डिग्री कॉलेज खोला जाए।
4. मोबाइल नेटवर्किंग में सुधार हो।
5. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में सुधार।
6. तामली से रुपालीगाड़ और तामली से गढ़ मुक्तेश्वर, तामली से रायल, तामली से उरी, मंच-सौराई, चतुरकोट-रुइया कफल्टा सड़क का निर्माण।
7. तामली तक रोडवेज बस सेवा का संचालन।
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