लोहाघाट (चंपावत)। भाजपा कार्यकर्ताओं ने टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) मार्ग पर आर्बिटेशन के फैैसले के खिलाफ प्रदेश सरकार द्वारा अदालत नहीं जाने के निर्णय से कार्यकर्ता नाराज हैं। रविवार को हुई बैठक में कार्यकर्ताओं ने कहा कि इससे न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कमजोर पड़ेगी, बल्कि लोगों में भी नकारात्मक संदेश जाएगा। कार्यकर्ताओं ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का पूरी ताकत से साथ देने की बात कही हैै।
वक्ताओं ने कहा कि आर्बिटेशन के फैसले के खिलाफ कोर्ट न जाने के निर्णय से सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कमजोर हुई है। इससे जीरो टोलरेंस पर भी सवाल उठा रहे हैं। आर्बिटेशन ने जून मेें ठेकेदार को बरी करते हुए 7.64 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया था। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कांग्रेस सरकार के दौरान फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर टीजे रोड के दूसरे पैकेज (चूका-रूपालीगाड़ तक) में ठेकेदार को टेेंडर दिया गया। जिसकी शासन की जांच में बाकायदा पुष्टि भी हुई और जांच के बाद रद्द कर दिया गया था। गड़बड़ी के आरोप में कई अधिकारियों पर तो कार्रवाई हुई लेकिन ठेकेदार को लाभ पहुंचाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सड़क का कार्य शीघ्र पूरा करने की दुहाई देकर मामले में लीपापोती की जा रही है। जबकि चूका व रूपालीगाड़ के बीच बनने वाले 650 मीटर लंबे पुल का काम भी कायदे से शुरू ही नहीं हुआ है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे विधायक के साथ खड़े हैं। बैठक में पाटी की ब्लाक प्रमुख सुमनलता, चंपावत के पूर्व प्रमुख बहादुर फर्त्याल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष बगौली, मंडल अध्यक्ष महेश बोहरा, नवीन बोहरा, गोविंद वर्मा, प्रकाश राय, एलएम कुंवर, श्याम सिंह, मोहित पाठक, राजू अधिकारी, दिनेश चम्याल, महेंद्र ढेक आदि मौजूद थे।