फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Accident in Tanakpur

दहशत ऐसी कि रातभर नहीं सोए आसपास के लोग

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2022 11:37 PM IST
विज्ञापन
Accident in Tanakpur
बृहस्पतिवार को हुए हादसे के एक दिन बाद टनकपुर रेलवे मार्ग पर परिवर्तित रास्ता और निगरानी करता पु? - फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। बरेली के संजयनगर निवासी मोहित कश्यप (17) पूर्णागिरि देवी के दर्शन कर ट्रेन से बरेली जाने के लिए रेलवे स्टेशन गया था। ट्रेन निकलने के बाद मोहित बस स्टेशन जाने के लिए आ गया। इस बीच वह पाकड़ के पेड़ के नीचे फास्ट फूड वाली दुकान में रुक गया। इस दौरान पेड़ के नीचे दबकर मोहित की मौत हो गई। ये बताते हुए मोहित के मौसेरे भाई पारस कश्यप रुआंसे हो जाते हैं। कहते हैं कि वह भी दुकान के पास थे, लेकिन किस्मत से जान बच गई।
विज्ञापन

वहीं पेड़ हादसे में जान गंवाने वाले मोहम्मद उमर अपने बड़े भाई हनीफ के साथ न्यूरिया से मनिहारगोठ में अपनी बहन के घर किसी कार्यक्रम में आए थे। कार्यक्रम निपटने के बाद दोनों भाई ई-रिक्शे से बस स्टेशन जा रहे थे। इस पेड़ के नीचे आने से मोहम्मद उमर की मौत हो गई जबकि भाई हनीफ बच गए।
विज्ञापन

आंधी से नुकसान होने की पुष्टि के बाद हर मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये दिए जाएंगे। साथ ही घायलों को भी इलाज के लिए राशि दी जाएगी।
विनीत तोमर, डीएम, चंपावत
चश्मदीद की जुबानी: दहशत से रातभर नहीं सोए आसपास के लोग
टनकपुर (चंपावत)। रेलवे रोड पर गिरे पाकड़ के पेड़ के नीचे दबने से दो लोगों की मौत के बाद उस इलाके के लोग रातभर नहीं सो सके। घटना के चश्मदीद और स्थानीय निवासी उत्तम कुमार बताते हैं कि पेड़ गिरने के वक्त वह मुश्किल से 30 मीटर दूर थे। पेड़ गिरते ही मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

उत्तम कुमार बताते हैं कि पेड़ अगर सड़क की ओर न गिरकर दूसरी दिशा में जाता तो काफी मकान होने से वहां ज्यादा नुकसान होता। वह बताते हैं कि इलाके के लोगों ने पिछले साल रेलवे क्षेत्र के नजदीक पेड़ गिरने से तीन मौतों के बाद इस पाकड़ के पेड़ सहित खतरे वाले पेड़ों को कटवाने के लिए पालिका प्रशासन से गुहार लगाई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अगर प्रशासन इसे गंभीरता से लेता तो शायद यह दिन न देखना पड़ता।

उप जिला अस्पताल में एक्सरे तक की सुविधा भी नहीं
टनकपुर (चंपावत)। उप जिला अस्पताल में तकनीशियन नहीं होने से एक्सरे तक की सुविधा नहीं है। सबसे बड़ी दिक्कत दो एंबुलेंस के लिए चालक का नहीं होना है। टनकपुर अस्पताल में तीन एंबुलेंस हैं, लेकिन इनके संचालन के लिए महज एक चालक है। ये चालक एंबुलेंस के साथ पूर्णागिरि धाम मेले में ड्यूटी पर हैं। संसाधन न होने के बावजूद अस्पताल स्टाफ ने पूरी संजीदगी से घायलों का इलाज किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed