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चंपावत हादसा : गांव में होनी थी शादी, गमी के कारण टनकपुर में हुई
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ककनई में शोकाकुल ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : TANAKPUR
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चंपावत। ककनई गांव के मनोज सिंह की शादी सोमवार को पास के ही गांव खटोली की नीमा देवी से हुआ। दोनों गांवों के बीच सिर्फ सात किलोमीटर का फासला है। विवाह खटोली गांव में न होकर 49 किलोमीटर दूर टनकपुर की पंचमुखी धर्मशाला में हुआ। दूल्हे के चाचा प्रेम सिंह बताते हैं कि कन्या पक्ष की बिरादरी में मौत होने की वजह से शुभ कार्य मुमकिन नहीं था। 19 फरवरी को ही कन्या पक्ष की बिरादरी में पीपलपानी हुआ था। इस कारण विवाह खटोली गांव के बजाय टनकपुर के पंचमुखी धर्मशाला में किया गया। एक दिनी विवाह की रस्में और अन्य कार्यक्रम निपटा कर बरात शाम करीब पौने सात बजे विदा हुई और रात साढ़े दस बजे ककनई से कुछ दूरी पर हादसा हो गया।
एक कॉल ने बिशन को मौत के काल से बचा लिया
चंपावत। ककनई के बिशन सिंह महरा इसी जीप से ककनई से शादी में आए थे। लौटते समय वह जीप पर चढ़ गए। अचानक किसी का फोन आया और वह जीप से उतर गए। उनके स्थान पर विजय लाल जीप पर सवार हो गए। सुबह बिशन सिंह को जब हादसे की खबर मिली तो वह दंग रह गए। उन्हें एक बार तो विश्वास ही नहीं हुआ। उनकी जिंदगी तो बच गई लेकिन उनके स्थान पर सवार हुए विजय लाल की मौत हो गई। शादी समारोह में न्योता नहीं होने के बावजूद विजय लाल इसी जीप से ककनई गांव लौट रहे थे लेकिन यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया।
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एक कॉल ने बिशन को मौत के काल से बचा लिया
चंपावत। ककनई के बिशन सिंह महरा इसी जीप से ककनई से शादी में आए थे। लौटते समय वह जीप पर चढ़ गए। अचानक किसी का फोन आया और वह जीप से उतर गए। उनके स्थान पर विजय लाल जीप पर सवार हो गए। सुबह बिशन सिंह को जब हादसे की खबर मिली तो वह दंग रह गए। उन्हें एक बार तो विश्वास ही नहीं हुआ। उनकी जिंदगी तो बच गई लेकिन उनके स्थान पर सवार हुए विजय लाल की मौत हो गई। शादी समारोह में न्योता नहीं होने के बावजूद विजय लाल इसी जीप से ककनई गांव लौट रहे थे लेकिन यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया।
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