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परमात्मा से जुड़कर होगा सत्य का एहसास
Champawat
Updated Sat, 11 Oct 2014 05:34 AM IST
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चंपावत। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान पिथौरागढ़ की ओर से आयोजित किया जा रहा तीन दिनी हरि संकीर्तन कथा का बुधवार को समापन हो गया। वन पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रवचन करते हुए साध्वी हरी अर्चना भारती ने कहा कि परमात्मा की भक्ति से जुड़कर ही लोगों को सत्य का एहसास हो सकता है। उन्होंने कहा कि संसार के अंदर आज हर मनुष्य दुखी है, परेशान है। कोई तन से दुखी है तो कोई मन से दुखी है। क्योंकि आज इंसान हमारे धार्मिक ग्रंथों के आधार पर भक्ति नहीं करते, बल्कि अपने मन के अनुसार भक्ति करते हैं। वास्तविक भक्ति क्या है उसे नहीं जानते हैं और न जानने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि भक्ति का मतलब है जुड़ जाना। उस परमात्मा से जुड़ जाना। उस परमात्मा से हम तभी जुड़ेगे जब उसे अपने घट के अंदर देखेंगे। उससे जुड़कर साक्षात्कार करके जब हम भक्ति करेंगे तभी हमारे मन के अंदर के विकार समाप्त होंगे और परम आनंद की प्राप्ति होगी।
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