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बरसात से पहले बने विद्यालय भवन
Champawat
Updated Fri, 10 Jan 2014 05:50 AM IST
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चंपावत। बाराकोट ब्लॉक के दूरदराज के कई स्कूलों के भवन वर्षों से क्षतिग्रस्त हैं। इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन इनकी मरम्मत नहीं हुई। विभागीय ढिलाई से नाराज बाराकोट के पूर्व ब्लाक प्रमुख खीमा देवी और सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र मेहता ने भवनों की मरम्मत न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस संबंध में उन्होंने जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) से मुलाकात कर क्षतिग्रस्त भवनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मऊ, सील, बरुड़ी, रावलगांव और गल्ला गांव प्राइमरी स्कूल की इमारतें कई वर्षों से खतरे की जद में हैं। पूर्व प्रमुख खीमा देवी ने बरसात से पूर्व भवन निर्माण नहीं कराए जाने पर शिक्षा विभाग के कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी है।
भेजा गया है प्रस्ताव: डीईओ
चंपावत। जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) आनंद भारद्वाज का कहना है कि नाबार्ड के अंतर्गत पुनर्निर्माण के लिए चयनित विद्यालयों में इन पांच स्कूलाें को भी रखा गया है। प्रत्येक विद्यालय का 10.48 लाख रुपए का प्रस्ताव राज्य परियोजना कार्यालय को 17 दिसंबर को भेजा गया है।
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इस संबंध में उन्होंने जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) से मुलाकात कर क्षतिग्रस्त भवनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मऊ, सील, बरुड़ी, रावलगांव और गल्ला गांव प्राइमरी स्कूल की इमारतें कई वर्षों से खतरे की जद में हैं। पूर्व प्रमुख खीमा देवी ने बरसात से पूर्व भवन निर्माण नहीं कराए जाने पर शिक्षा विभाग के कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी है।
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भेजा गया है प्रस्ताव: डीईओ
चंपावत। जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) आनंद भारद्वाज का कहना है कि नाबार्ड के अंतर्गत पुनर्निर्माण के लिए चयनित विद्यालयों में इन पांच स्कूलाें को भी रखा गया है। प्रत्येक विद्यालय का 10.48 लाख रुपए का प्रस्ताव राज्य परियोजना कार्यालय को 17 दिसंबर को भेजा गया है।
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