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चंपावत जिले में रोपवे योजना टांय-टांय फिस्स
Champawat
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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चंपावत। जिले के ऐसे गांवों में जहां सड़क की सुविधा नहीं है, वहां पैदा होने वाले फल और सब्जियों को बाजार तक पहुंचाने के लिए शुरू की गई रोपवे योजना परवान नहीं चढ़ पाई है। जो रोपवे बनाए गए वह देखरेख के अभाव में नाकाम हो गए हैं। जबकि कुछ नए स्थानों पर रोपवे लगाने की योजना को वन एक्ट के चलते शुरू नहीं किया जा सका है।
प्रशासन ने सड़क सुविधा से वंचित गांवों को वहां की उत्पादन क्षमता को देखते हुए रोपवे से जोड़ने की योजना बनाई थी। बताया गया है कि इससे पहले जिन तीन स्थानों पर रोपवे लगाए गए वह अब किसी काम के नहीं रह गए हैं। रोपवे के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई थी लेकिन ग्राम पंचायतों के पास इस मद में कोई पैसा नहीं था।
इस बीच नलिया वन चौकी से तल्ली लड़ी गांव तक रोपवे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया लेकिन इस पर वन एक्ट का अड़ंगा लग गया। नोडल अधिकारी के माध्यम से इसकी जानकारी वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजी गई है। ठीक इसी तरह दुर्गानगर से महरपियाना गांव तक रोपवे बनाने का मामला भी खटाई में पड़ा हुआ है। यह प्रस्ताव भी वन एक्ट के कारण अधर में लटक गया है। प्रभागीय वनाधिकारी एके उपाध्याय के अनुसार वन भूमि का निस्तारण होने के बाद ही इन पर काम संभव होगा। पिछले दिनों उन्होंने इसकी जानकारी अपर जिलाधिकारी दीप्ति सिंह को भी दे दी थी और विभाग की ओर से की गई कार्रवाई से अवगत करा दिया था।
प्रशासन ने सड़क सुविधा से वंचित गांवों को वहां की उत्पादन क्षमता को देखते हुए रोपवे से जोड़ने की योजना बनाई थी। बताया गया है कि इससे पहले जिन तीन स्थानों पर रोपवे लगाए गए वह अब किसी काम के नहीं रह गए हैं। रोपवे के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई थी लेकिन ग्राम पंचायतों के पास इस मद में कोई पैसा नहीं था।
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इस बीच नलिया वन चौकी से तल्ली लड़ी गांव तक रोपवे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया लेकिन इस पर वन एक्ट का अड़ंगा लग गया। नोडल अधिकारी के माध्यम से इसकी जानकारी वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजी गई है। ठीक इसी तरह दुर्गानगर से महरपियाना गांव तक रोपवे बनाने का मामला भी खटाई में पड़ा हुआ है। यह प्रस्ताव भी वन एक्ट के कारण अधर में लटक गया है। प्रभागीय वनाधिकारी एके उपाध्याय के अनुसार वन भूमि का निस्तारण होने के बाद ही इन पर काम संभव होगा। पिछले दिनों उन्होंने इसकी जानकारी अपर जिलाधिकारी दीप्ति सिंह को भी दे दी थी और विभाग की ओर से की गई कार्रवाई से अवगत करा दिया था।
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