{"_id":"5b085ce44f1c1bf56e8b4ab3","slug":"91527274724-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुष्मान योजना ने स्वास्थ्य बीमा से आउट कर दिए 70 हजार परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुष्मान योजना ने स्वास्थ्य बीमा से आउट कर दिए 70 हजार परिवार
Updated Sat, 26 May 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। नरेंद्र मोदी सरकार ने चार साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर सरकार अपनी उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचा रही है। सरकार की आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र में मील का पत्थर है, लेकिन इस योजना से हजारों परिवार बीमा के लाभ से वंचित भी हो जाएंगे। पहाड़ के दो सीमांत जिले चंपावत व पिथौरागढ़ में ही 70 हजार से अधिक परिवार सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना से आउट हो जाएंगे। पिछले वित्त वर्ष तक इन परिवारों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) से कवर किया जाता था। मगर अब इन परिवारों को किसी भी तरह के सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
इस साल 15 अगस्त से शुरू होने वाली आयुष्मान योजना के अंतर्गत चयनित प्रत्येक परिवार को एक साल में पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर का लाभ दिया जाना है। इस योजना के पात्रों का चयन सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना (एसईसीसी) सर्वेक्षण 2011 के आधार पर किया गया है। जबकि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में सरकारी वेतन, सरकारी पेंशन या करदाता श्रेणी को छोड़कर हर वर्ग को पात्र माना गया था। इसमें गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी के अलावा गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) वाले राज्य के नागरिकों को शामिल किया गया था।
विज्ञापन
दोनों योजनाओं में लाभार्थियों के चयन के लिए पात्रता अलग-अलग होने के कारण मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल हजारों परिवारों को आयुष्मान योजना में शामिल नहीं किया गया है। लधिया घाटी के गरीब महेश भट्ट, देवीदत्त, चंद्रशेखर, मथुरा दत्त जैसे हजारों परिवारों इस योजना लाभ हीं मिल सकेगा। यह संख्या सीमांत के इन दो जिलों में 70 हजार से भी अधिक है। अब ऐसे लोगों को इलाज के लिए तरसना पड़ेगा।
विज्ञापन
नेपाल सीमा से लगे दो जिले चंपावत और पिथौरागढ़ के 35913 परिवारों को इसमें चयनित किया गया। चंपावत जिले के 10844 और पिथौरागढ़ जिले के 25069 परिवार योजना में शामिल हैं। सत्यापन के बाद इस संख्या में और भी कमी आ सकती है। वहीं 2017-18 तक एमएसबीवाई में चंपावत में 33371 व पिथौरागढ़ जिले में 72643 परिवारों को 1.75 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलता था। इस वजह से इन दोनों सीमांत जिलों के 70101 परिवार सीधे तौर पर बीमा के फायदे से कट जाएंगे।
कोट
इस वक्त एमएसबीवाई या कोई अन्य सरकारी योजना अस्तित्व में नहीं है। भारत सरकार की आयुष्मान योजना के सत्यापन के बाद डाटा इंट्री का काम शुरू किया जा रहा है। आयुष्मान योजना 15 अगस्त से लागू की जाएगी। इसमें सत्यापित परिवारों को ही स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सकेगा। फिलहाल इसके अलावा कोई दूसरी सरकारी योजना संचालित नहीं है। डॉ.एमएस बोहरा,
मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।
जिला आयुष्मान योजना में चयनित परिवार एमएसबीवाई में शामिल परिवार
चंपावत 10844 33371
पिथौरागढ़ 25069 72643
कुल योग 35913 106014