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किरोड़ा के ऊफान में बहने से बचा रापूमावि उचौलीगोठ का परिचारक
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:03 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)।
शुक्रवार को तड़के हुई मूसलाधार बारिश से पूर्णागिरि मार्ग पर किरोड़ा नाले के अचानक उफान पर आने से शिक्षा विभाग का एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बहने से बचा। गनीमत रही वहां मौजूद कुछ साहसी युवाओं ने उसे बचा लिया, वर्ना अनहोनी हो सकती थी। दूसरा किरोड़ा के उफान पर आने से पूर्णागिरि मार्ग करीब एक घंटे बाधित रहा।
पर्वतीय क्षेत्र में बारिश होते ही किरोड़ा नाला उफान पर आ जाता है। पूर्णागिरि मार्ग पर गैंड़ाखाली-थ्वालखेड़ा रोखड़ में खतरा बढ़ जाता है, लेकिन प्रशासन ने किरोड़ा रोखड़ के इन खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की हैं। शुक्रवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश से उफनाए किरोड़ा नाले में जानलेवा हादसा होने से बचा। बताया जाता है कि रापूमावि उचौलीगोठ का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उमेश राम सुबह ड्यूटी पर जा रहा था कि गैंड़ाखाली रोखड़ में अचानक उफनाए किरोड़ा नाले की चपेट में आ गया। इससे पहले वह नाले के तेज बहाव में बहता वहां मौजूद साहसी युवा आकाश महर, सुंदर महर, सुनील महर, करण महर आदि ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे बचा लिया।
शुक्रवार को तड़के हुई मूसलाधार बारिश से पूर्णागिरि मार्ग पर किरोड़ा नाले के अचानक उफान पर आने से शिक्षा विभाग का एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बहने से बचा। गनीमत रही वहां मौजूद कुछ साहसी युवाओं ने उसे बचा लिया, वर्ना अनहोनी हो सकती थी। दूसरा किरोड़ा के उफान पर आने से पूर्णागिरि मार्ग करीब एक घंटे बाधित रहा।
पर्वतीय क्षेत्र में बारिश होते ही किरोड़ा नाला उफान पर आ जाता है। पूर्णागिरि मार्ग पर गैंड़ाखाली-थ्वालखेड़ा रोखड़ में खतरा बढ़ जाता है, लेकिन प्रशासन ने किरोड़ा रोखड़ के इन खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की हैं। शुक्रवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश से उफनाए किरोड़ा नाले में जानलेवा हादसा होने से बचा। बताया जाता है कि रापूमावि उचौलीगोठ का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उमेश राम सुबह ड्यूटी पर जा रहा था कि गैंड़ाखाली रोखड़ में अचानक उफनाए किरोड़ा नाले की चपेट में आ गया। इससे पहले वह नाले के तेज बहाव में बहता वहां मौजूद साहसी युवा आकाश महर, सुंदर महर, सुनील महर, करण महर आदि ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे बचा लिया।
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