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83 हजार छात्रों को खिलाई जाएंगी कृमि रोधक दवा
Wed, 16 Jan 2019 11:34 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/अमर उजाला,चंपावत।
ब्यूरो/अमर उजाला,चंपावत।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Wed, 16 Jan 2019 11:34 PM IST
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चंपावत में कृमिरोधक दिवस की तैयारी पर चर्चा करते डीएम और अन्य अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के 83465 छात्र-छात्राओं के साथ ड्राप आउट बच्चों को कृमिरोधक (एलबैंडाजोल) दवा खिलाई जाएगी। जिलाधिकारी रणवीर सिंह चौहान की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की बैठक में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। दवा का सेवन शिक्षकों के अलावा आंगनबाड़ी और आशा वर्कर्स के जरिए राष्ट्रीय कृमिरोधी दिवस आठ फरवरी तथा 14 फरवरी को कराया जाएगा।
डीएम ने इस काम को पूरी संजीदगी से करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के निर्देश दिए। बैठक में बताया कि छोटे बच्चों को टेबलेट घोलकर आंगनबाड़ी वर्कर्स के माध्यम से दवा पिलाई जाएगी। जबकि बड़े बच्चों को शिक्षक या अन्य नामित कार्मिकों की देखरेख में दवा खिलाई जाएगी। इसके अलावा बच्चों के अभिभावकों को इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के महत्व की जानकारी भी दी जाएगी। बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में पोलियो व एलबैंडाजोल के स्लोगन लिखने को कहा।
उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और आईसीडीएस विभागों के कर्मियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करने के साथ आशा और एएनएम को प्रशिक्षित करने, आशा तथा समुदाय स्तर पर अपंजीकृत बच्चों की सूची तैयार कर उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों में लाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ.आरपी खंडूरी ने बताया कि कृमि मुक्ति के लिए 83465 बच्चों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी, टनकपुर के डॉ.एचएस हयांकी, लोहाघाट के डॉ.मंजीत सिंह, सीईओ आरसी पुरोहित, वरिष्ठ कोषाधिकारी हेमेंद्र गंगवार, डॉ.मनु खन्ना आदि मौजूद थे।
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डीएम ने इस काम को पूरी संजीदगी से करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के निर्देश दिए। बैठक में बताया कि छोटे बच्चों को टेबलेट घोलकर आंगनबाड़ी वर्कर्स के माध्यम से दवा पिलाई जाएगी। जबकि बड़े बच्चों को शिक्षक या अन्य नामित कार्मिकों की देखरेख में दवा खिलाई जाएगी। इसके अलावा बच्चों के अभिभावकों को इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के महत्व की जानकारी भी दी जाएगी। बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में पोलियो व एलबैंडाजोल के स्लोगन लिखने को कहा।
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उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और आईसीडीएस विभागों के कर्मियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करने के साथ आशा और एएनएम को प्रशिक्षित करने, आशा तथा समुदाय स्तर पर अपंजीकृत बच्चों की सूची तैयार कर उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों में लाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ.आरपी खंडूरी ने बताया कि कृमि मुक्ति के लिए 83465 बच्चों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी, टनकपुर के डॉ.एचएस हयांकी, लोहाघाट के डॉ.मंजीत सिंह, सीईओ आरसी पुरोहित, वरिष्ठ कोषाधिकारी हेमेंद्र गंगवार, डॉ.मनु खन्ना आदि मौजूद थे।
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