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समाजसेविका रीता ने महिलाओं को बेटियों के प्रति किया जागरूक
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टनकपुर (चंपावत)। तीलू रौतेली पुरस्कार प्राप्त समाज सेविका रीता गहतोड़ी ने चार दिवसीय अभियान चलाकर महिलाओं को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बालिका शिक्षा और मासिक धर्म को लेकर फैली भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने महिलाओं से रूढ़िवादी परंपराओं से बाहर निकलकर बेटियों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
समाजसेवी रीता ने शारदा चुंगी कालोनी, पुरानी टंकी के समीप, पिथौरागढ़ चुंगी मार्ग, कर्मचारी कालोनी आदि जगहों पर महिलाओं को बेटियों को शिक्षित बनाने के लिए प्रेरित किया।
रीता ने बाल्मीकि समाज की महिलाओं से मुलाकात कर बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाने को कहा। उन्होंने कहा कि एवरेस्ट विजेता बछेंद्री पाल,अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स भी यदि रूढ़िवादी परंपराओं को मानती तो इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती। रीता ने जिले की घुरचुम ग्राम सभा के कोटा गांव में रजस्वला केंद्र बनाए जाने को शर्मनाक कदम बताया।
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समाजसेवी रीता ने शारदा चुंगी कालोनी, पुरानी टंकी के समीप, पिथौरागढ़ चुंगी मार्ग, कर्मचारी कालोनी आदि जगहों पर महिलाओं को बेटियों को शिक्षित बनाने के लिए प्रेरित किया।
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रीता ने बाल्मीकि समाज की महिलाओं से मुलाकात कर बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाने को कहा। उन्होंने कहा कि एवरेस्ट विजेता बछेंद्री पाल,अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स भी यदि रूढ़िवादी परंपराओं को मानती तो इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती। रीता ने जिले की घुरचुम ग्राम सभा के कोटा गांव में रजस्वला केंद्र बनाए जाने को शर्मनाक कदम बताया।
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