{"_id":"5b085ddd4f1c1ba66e8b497f","slug":"81527274973-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएमएस और जल संस्थान के ईई का स्पष्टीकरण तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएमएस और जल संस्थान के ईई का स्पष्टीकरण तलब
Updated Sat, 26 May 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। जिला अस्पताल में निजी दवा कंपनियों की प्रचार सामग्री रखने और लोहाघाट क्षेत्र में बिगड़ी पेयजल व्यवस्था से नाराज डीएम ने सीएमएस डॉ.आरके जोशी और जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार का स्पष्टीकरण तलब किया है। व्यवस्थाएं तत्काल नहीं सुधरने पर दोनों अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है।
डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को कुमाऊं आयुक्त पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल के निरीक्षण को पहुंचे थे। लेकिन निरीक्षण के दौरान अस्पताल के सीएमएस ड्रेस कोड में नहीं थे और अस्पताल के कर्मचारी भी अव्यवस्थित मिले। अस्पताल परिसर में निजी दवा कंपनियों के विज्ञापन चस्पा थे। डीएम के अनुसार अस्पताल की व्यवस्था से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि सीएमएस निजी कंपनियों की दवा को बढ़ावा देने का काम कर रहे थे। आयुक्त के निरीक्षण के दौरान आयुर्वेदिक पटल पर भी तकनीकी खामियां पाई गईं थी।
इसके अलावा सीएमएस की ओर से आयुक्त के दौरे के की रिपोर्ट भी अब तक उन्हें नहीं सौंपी गई है। वहीं दूसरी ओर आयुक्त के जन संवाद कार्यक्रम में लोहाघाट क्षेत्र में पेयजल की समस्या और टंकियों में गंदगी से संबंधित तमाम शिकायतें मिली थी। इसे देखते हुए डीएम ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता का भी जवाब तलब किया है।
डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को कुमाऊं आयुक्त पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल के निरीक्षण को पहुंचे थे। लेकिन निरीक्षण के दौरान अस्पताल के सीएमएस ड्रेस कोड में नहीं थे और अस्पताल के कर्मचारी भी अव्यवस्थित मिले। अस्पताल परिसर में निजी दवा कंपनियों के विज्ञापन चस्पा थे। डीएम के अनुसार अस्पताल की व्यवस्था से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि सीएमएस निजी कंपनियों की दवा को बढ़ावा देने का काम कर रहे थे। आयुक्त के निरीक्षण के दौरान आयुर्वेदिक पटल पर भी तकनीकी खामियां पाई गईं थी।
विज्ञापन
इसके अलावा सीएमएस की ओर से आयुक्त के दौरे के की रिपोर्ट भी अब तक उन्हें नहीं सौंपी गई है। वहीं दूसरी ओर आयुक्त के जन संवाद कार्यक्रम में लोहाघाट क्षेत्र में पेयजल की समस्या और टंकियों में गंदगी से संबंधित तमाम शिकायतें मिली थी। इसे देखते हुए डीएम ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता का भी जवाब तलब किया है।
विज्ञापन