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मौसमी बुखार के चलते छह माह के बच्चे ने दम तोड़ा
Updated Fri, 18 May 2018 11:53 PM IST
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चंपावत। जिले के सीमांत तरकुली ग्राम पंचायत में मौसमी बुखार के कारण छह माह के बच्चे की मौत हो गई है। शुक्रवार को बच्चे के परिजन उसे बीमार हाल में डाक्टर को दिखाने के लिए जिला अस्पताल ला रहे थे, लेकिन गांव से सड़क तक पहुंचने से पूर्व ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तरकुली निवासी शंकर राम के छह माह के पुत्र केदार बीते दो दिनों से बुखार से तप रहा था। गांव में किसी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने के घरेलू उपचार के बाद परिजन उसे लेकर अस्पताल को आ रहे थे कि बीच रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान जगत राम, पूर्व प्रधान महा सिंह आदि ने बताया कि गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही घाटी वाले स्थानों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लेकिन क्षेत्र में किसी तरह की स्वास्थ्य सुविधा न होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने तत्काल गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजे जाने की मांग उठाई है। उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.एमएस बोहरा ने सीमांत क्षेत्र में बुखार से बच्चे की मौत होने की जानकारी होने से इंकार किया है।
एएनएम सेंटर है लेकिन एएनएम की तैनाती नहीं
चंपावत। सीमांत तरकुली में ग्रामीणों और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए एएनएम सेंटर तो खोला गया है। लेकिन वर्तमान में सेंटर में एएनएम की तैनाती नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार तरकुली निवासी शंकर राम के छह माह के पुत्र केदार बीते दो दिनों से बुखार से तप रहा था। गांव में किसी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने के घरेलू उपचार के बाद परिजन उसे लेकर अस्पताल को आ रहे थे कि बीच रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान जगत राम, पूर्व प्रधान महा सिंह आदि ने बताया कि गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही घाटी वाले स्थानों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लेकिन क्षेत्र में किसी तरह की स्वास्थ्य सुविधा न होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने तत्काल गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजे जाने की मांग उठाई है। उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.एमएस बोहरा ने सीमांत क्षेत्र में बुखार से बच्चे की मौत होने की जानकारी होने से इंकार किया है।
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एएनएम सेंटर है लेकिन एएनएम की तैनाती नहीं
चंपावत। सीमांत तरकुली में ग्रामीणों और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए एएनएम सेंटर तो खोला गया है। लेकिन वर्तमान में सेंटर में एएनएम की तैनाती नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
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