{"_id":"5ac3b8664f1c1b051d8b45eb","slug":"81522776166-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंड़ाखाली में हाथियों ने फसल रौंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैंड़ाखाली में हाथियों ने फसल रौंदी
Updated Tue, 03 Apr 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्णागिरि मार्ग पर शारदा रेंज के जंगल से हाथियों का झुंड गांव में घुसकर उत्पात मचा रहा है। सोमवार देर रात गैंड़ाखाली नंबर दो में घुसे हाथियों के झुंड ने किसानों की फसल रौंदने के साथ ही राजकीय प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी को दूसरी बार तोड़ दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथियों को भगाया, लेकिन सूचना के बाद भी वन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
गैंड़ाखाली गांव में घुसे हाथियों ने विशन सिंह, चंदन सिंह, गोविंद सिंह, नैन सिंह के खेत में खड़े केला, मक्का, लीची के पेड़ और पशु चारे को रौंद कर नष्ट कर दिया। वहीं प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी को भी तोड़ दिया है। बता दें कि एक सप्ताह पहले भी हाथियों के झुंड ने विद्यालय की चहारदीवारी को तोड़ा था।
प्रधानाध्यापिका आशा देवी एवं प्रधान कलावती देवी ने वन विभाग को घटना की लिखित सूचना देने के साथ ही हाथियों के आतंक से निजात दिलाने की गुहार लगाई है। ग्राम प्रधान कलावती देवी ने बताया कि हाथियों के गांव में घुसने पर वन विभाग को फोन से सूचित किया गया, लेकिन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गैंड़ाखाली गांव में घुसे हाथियों ने विशन सिंह, चंदन सिंह, गोविंद सिंह, नैन सिंह के खेत में खड़े केला, मक्का, लीची के पेड़ और पशु चारे को रौंद कर नष्ट कर दिया। वहीं प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी को भी तोड़ दिया है। बता दें कि एक सप्ताह पहले भी हाथियों के झुंड ने विद्यालय की चहारदीवारी को तोड़ा था।
विज्ञापन
प्रधानाध्यापिका आशा देवी एवं प्रधान कलावती देवी ने वन विभाग को घटना की लिखित सूचना देने के साथ ही हाथियों के आतंक से निजात दिलाने की गुहार लगाई है। ग्राम प्रधान कलावती देवी ने बताया कि हाथियों के गांव में घुसने पर वन विभाग को फोन से सूचित किया गया, लेकिन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।
विज्ञापन