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्वांला जीप हादसा: तीन दिन में प्रशासन तय नहीं कर सका 120 किमी की दूरी
Updated Sat, 10 Feb 2018 11:01 PM IST
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चंपावत। टनकपुर से हल्द्वानी का फासला सिर्फ 120 किलोमीटर है, लेकिन प्रशासन इस मामूली दूरी को तीन दिन में भी नाप नहीं सका है। और इस अवधि में भी ककरालीगेट (टनकपुर) बैरियर के पास लगी सीसीटीवी की फुटेज नहीं मिल सकी है। इसके चलते सात फरवरी को दस लोगों को अकाल मौत के मुंह में धकेलने वाले स्वांला जीप दुर्घटना की जांच त शुरू नहीं हो सकी है।
स्वांला में दुर्घटनाग्रस्त जीप टनकपुर से किस समय चली, इसका पता लगाने के लिए अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर ककरालीगेट बैरियर में लगे वन विभाग के चार सीसीटीवी की फुटेज लेने के 8 फरवरी को टनकपुर के उप जिला मजिस्ट्रेट को आदेश दिए थे। ताकि यह पता चल सके, कि जीप आवाजाही के लिए प्रतिबंधित समय से पूर्व चली या नहीं। मगर तीन दिन बीत गए हैं, अभी तक फुटेज जिला प्रशासन तक नहीं पहुंच सकी है। इस वजह से हादसे से संबंधित जांच शुरू होने में विलंब हो रहा है।
इधर टनकपुर के एसडीएम अनिल चन्याल का कहना है कि वन विभाग के सीसीटीवी का नियंत्रण हल्द्वानी स्थित डिजिटल वीडियो रिकार्डर (डीवीआर) से है। इसकी फुटेज लाने के लिए वन विभाग कर्मी हल्द्वानी भेजा गया है। फिलहाल फुटेज नहीं मिली है। फुटेज नहीं मिलने से जांच की कार्यवाही भी आगे नहीं खिसक पा रही है।
स्वांला में दुर्घटनाग्रस्त जीप टनकपुर से किस समय चली, इसका पता लगाने के लिए अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर ककरालीगेट बैरियर में लगे वन विभाग के चार सीसीटीवी की फुटेज लेने के 8 फरवरी को टनकपुर के उप जिला मजिस्ट्रेट को आदेश दिए थे। ताकि यह पता चल सके, कि जीप आवाजाही के लिए प्रतिबंधित समय से पूर्व चली या नहीं। मगर तीन दिन बीत गए हैं, अभी तक फुटेज जिला प्रशासन तक नहीं पहुंच सकी है। इस वजह से हादसे से संबंधित जांच शुरू होने में विलंब हो रहा है।
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इधर टनकपुर के एसडीएम अनिल चन्याल का कहना है कि वन विभाग के सीसीटीवी का नियंत्रण हल्द्वानी स्थित डिजिटल वीडियो रिकार्डर (डीवीआर) से है। इसकी फुटेज लाने के लिए वन विभाग कर्मी हल्द्वानी भेजा गया है। फिलहाल फुटेज नहीं मिली है। फुटेज नहीं मिलने से जांच की कार्यवाही भी आगे नहीं खिसक पा रही है।
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