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मेले में भटकी महिला परिजनों के सुपुर्द
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:20 AM IST
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बनबसा (चंपावत)।
मेले में भटकी यूपी की रहने वाली एक युवती को 24 दिन बाद रीड्स संस्था ने उसके परिजनों से मिला दिया। यह युवती श्री पूर्णागिरि मेले में सीओ राजन सिंह रौतेला को भटकती हुई मिली थी। उन्होंने उसे रीड्स संस्था के उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र के सुपुर्द कर दिया था।
19 जून को पुलिस क्षेत्राधिकारी आरएस रौतेला को टनकपुर मेला क्षेत्र में करीब 22-23 वर्षीय एक युवती अकेली परेशान हालत में भटकते हुए मिली थी। उसने अपने को बिहार के किसी गांव की रहने वाली बताकर परिवार के साथ पूर्णागिरि के दर्शन को आना बताया।
उसने सीओ से कहा कि परिजनों उसे मेले में छोड़कर चले गए। सीओ ने उसे रीड्स संस्था के सुपुर्द कर दिया था। संस्था के सचिव भुवन गड़कोटी ने बताया कि पूछताछ में युवती के घर के बारे में पता लगाने के बाद उनसे पूछताछ की तो पता चला कि युवती यूपी (बदायूं) की रहने वाली है। दवाई लेने के बहाने वह घर से निकलकर पूर्णागिरि की ओर जाने वाले निजी बस में सवार हो गई और टनकपुर पहुंच गई। वह विवाहित है और उसके चार बच्चे हैं। उसके पति और ससुर दिल्ली में दिहाड़ी मजदूर हैं। घर पर उसकी सास उसे प्रताड़ित करती थी। इससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाकर सभी से झूठी कहानी बयान की। उसने अपने घर जाने से भी इनकार कर दिया था। काफी समझाने के बाद आखिर वह बुधवार को अपने पति और ससुर के साथ घर रवाना हो गई।
मेले में भटकी यूपी की रहने वाली एक युवती को 24 दिन बाद रीड्स संस्था ने उसके परिजनों से मिला दिया। यह युवती श्री पूर्णागिरि मेले में सीओ राजन सिंह रौतेला को भटकती हुई मिली थी। उन्होंने उसे रीड्स संस्था के उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र के सुपुर्द कर दिया था।
19 जून को पुलिस क्षेत्राधिकारी आरएस रौतेला को टनकपुर मेला क्षेत्र में करीब 22-23 वर्षीय एक युवती अकेली परेशान हालत में भटकते हुए मिली थी। उसने अपने को बिहार के किसी गांव की रहने वाली बताकर परिवार के साथ पूर्णागिरि के दर्शन को आना बताया।
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उसने सीओ से कहा कि परिजनों उसे मेले में छोड़कर चले गए। सीओ ने उसे रीड्स संस्था के सुपुर्द कर दिया था। संस्था के सचिव भुवन गड़कोटी ने बताया कि पूछताछ में युवती के घर के बारे में पता लगाने के बाद उनसे पूछताछ की तो पता चला कि युवती यूपी (बदायूं) की रहने वाली है। दवाई लेने के बहाने वह घर से निकलकर पूर्णागिरि की ओर जाने वाले निजी बस में सवार हो गई और टनकपुर पहुंच गई। वह विवाहित है और उसके चार बच्चे हैं। उसके पति और ससुर दिल्ली में दिहाड़ी मजदूर हैं। घर पर उसकी सास उसे प्रताड़ित करती थी। इससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाकर सभी से झूठी कहानी बयान की। उसने अपने घर जाने से भी इनकार कर दिया था। काफी समझाने के बाद आखिर वह बुधवार को अपने पति और ससुर के साथ घर रवाना हो गई।
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