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मां पूर्णागिरि धाम में तीन दिन से पानी का संकट
Updated Sun, 10 Jun 2018 11:20 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में तीन दिन से पानी के लिए हाहाकार मचा है। शुक्रवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश से धाम क्षेत्र की पांचों पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई। जल संस्थान द्वारा क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में बरती जा रही लापरवाही से श्रद्धालुओं को पानी के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है। मेला मजिस्ट्रेट/एसडीएम अनिल चन्याल ने विभाग को लाइनों को दुरुस्त करने के तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
पूर्णागिरि मेले के समापन का काउंट डाउन शुरू हो गया है। पांच दिन बाद मेला संपन्न हो जाएगा, इसके बाद धाम क्षेत्र से सारी सरकारी सुविधाएं हटा ली जाएगी। इधर, मेले के अंतिम दिनों में प्रशासन व्यवस्थाओं को लेकर सुस्त हो गया है। धाम में तीन दिन से पानी का संकट बना है। दुकानदार और श्रद्धालु एक-एक बूंद को तरस रहे हैं, लेकिन मेला प्रशासन को इससे कोई सरोकार नहीं है। शुक्रवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश से धाम क्षेत्र की कालीगूंठ, भवानीगाड़, निगाली गाड़, ठुंगागाड, पापड़गाड़ पेयजल योजना की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति ठप है। परिणाम स्वरूप हनुमान चट्टी से मुख्य मंदिर तक पांच किमी मेला क्षेत्र में पानी का संकट बना है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने शीघ्र जलापूर्ति सुचारु करने की मांग की है। इधर, जल संस्थान के जेई गणेश दत्त पांडेय ने बताया कि विभाग की टीम भेजकर क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत शुरू कर दी गई है। जल्द लाइनों को दुरुस्त कर जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
पूर्णागिरि मेले के समापन का काउंट डाउन शुरू हो गया है। पांच दिन बाद मेला संपन्न हो जाएगा, इसके बाद धाम क्षेत्र से सारी सरकारी सुविधाएं हटा ली जाएगी। इधर, मेले के अंतिम दिनों में प्रशासन व्यवस्थाओं को लेकर सुस्त हो गया है। धाम में तीन दिन से पानी का संकट बना है। दुकानदार और श्रद्धालु एक-एक बूंद को तरस रहे हैं, लेकिन मेला प्रशासन को इससे कोई सरोकार नहीं है। शुक्रवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश से धाम क्षेत्र की कालीगूंठ, भवानीगाड़, निगाली गाड़, ठुंगागाड, पापड़गाड़ पेयजल योजना की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति ठप है। परिणाम स्वरूप हनुमान चट्टी से मुख्य मंदिर तक पांच किमी मेला क्षेत्र में पानी का संकट बना है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने शीघ्र जलापूर्ति सुचारु करने की मांग की है। इधर, जल संस्थान के जेई गणेश दत्त पांडेय ने बताया कि विभाग की टीम भेजकर क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत शुरू कर दी गई है। जल्द लाइनों को दुरुस्त कर जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
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