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...कल से खतरे में पड़ जाएगी जंगल की सुरक्षा!
Updated Wed, 21 Mar 2018 11:03 PM IST
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चंपावत। वन बीट अधिकारी संघ शुक्रवार से प्रदेशभर में आंदोलन करेगा। उनकी हड़ताल के चलते जंगल की सुरक्षा पर भारी खतरे की आहट है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार वन बीट अधिकारियों ने 23 मार्च से हड़ताल में जाने का फैसला लिया है। इस वक्त फायर सीजन चल रहा है। तपिश के चलते जंगल में आग का अक्सर अंदेशा रहता है। इसके अलावा वन्य जीवों की तस्करी और वन संपदा की चोरी का भी खतरा भी बढ़ेगा।
वन बीट अधिकारी संघ की चंपावत शाखा के अध्यक्ष हरीश नयाल ने बताया कि वन दरोगाओं के 33 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाने के विरोध में प्रदेश भर के वन बीट अधिकारी 23 मार्च से हड़ताल करेंगे। बताया गया कि 26 मार्च तक वन बीट अधिकारी अपने-अपने प्रभागों में धरना देंगे। फिर भी मांग नहीं माने जाने पर 27 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। अब तक वन दरोगाओं के सभी पदों पर भर्ती वन बीट अधिकारियों की पदोन्नति के जरिए होती है, लेकिन सरकार ने अब एक-तिहाई पदों पर सीधी भर्ती के अलावा पदोन्नति के लिए 10 वर्ष की सेवा की अनिवार्यता की है। वन कर्मियों का कहना है कि नए नियम सीधे तौर पर उनके योगदान को नकारना है।
वन बीट अधिकारी संघ की चंपावत शाखा के अध्यक्ष हरीश नयाल ने बताया कि वन दरोगाओं के 33 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाने के विरोध में प्रदेश भर के वन बीट अधिकारी 23 मार्च से हड़ताल करेंगे। बताया गया कि 26 मार्च तक वन बीट अधिकारी अपने-अपने प्रभागों में धरना देंगे। फिर भी मांग नहीं माने जाने पर 27 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। अब तक वन दरोगाओं के सभी पदों पर भर्ती वन बीट अधिकारियों की पदोन्नति के जरिए होती है, लेकिन सरकार ने अब एक-तिहाई पदों पर सीधी भर्ती के अलावा पदोन्नति के लिए 10 वर्ष की सेवा की अनिवार्यता की है। वन कर्मियों का कहना है कि नए नियम सीधे तौर पर उनके योगदान को नकारना है।
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