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पंचेश्वर बांध से प्रभावित गांवों में हो जन सुनवाई
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:11 PM IST
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चंपावत। गुमदेश विकास संघर्ष समिति ने पंचेश्वर बांध को विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया है। लेकिन समिति ने जन सुनवाई के तरीके पर एतराज जताया है। कहा कि कायदे से जन सुनवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी पनप सकती है। लिहाजा जन सुनवाई को एक जगह के स्थान पर सभी प्रभावित गांवों में की जानी चाहिए।
पंचेश्वर बांध की जन सुनवाई 9 अगस्त को बाराकोट में रखी गई है। जबकि जिले के 26 गांव के हजारों लोग बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। गुमदेश विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष माधो सिंह अधिकारी का कहना है कि एक ही जगह जन सुनवाई होने से प्रभावित लोग अपना पक्ष ठीक से नहीं रख सकेंगे। इसके अलावा नेपाल सीमा से लगे गांवों की बाराकोट से दूरी भी 45 किलोमीटर से अधिक है। समिति ने लोगों को इंसाफ देने के लिए हर प्रभावित गांवों में बारी-बारी से जन सुनवाई करने की मांग की है। इसके अलावा ग्रामीणों को बांध से संबंधित सभी तथ्यों की जानकारी समय पर दी जाए। इस संबंध में समिति जिला प्रशासन और केंद्रीय मंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखेगी।
पंचेश्वर बांध की जन सुनवाई 9 अगस्त को बाराकोट में रखी गई है। जबकि जिले के 26 गांव के हजारों लोग बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। गुमदेश विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष माधो सिंह अधिकारी का कहना है कि एक ही जगह जन सुनवाई होने से प्रभावित लोग अपना पक्ष ठीक से नहीं रख सकेंगे। इसके अलावा नेपाल सीमा से लगे गांवों की बाराकोट से दूरी भी 45 किलोमीटर से अधिक है। समिति ने लोगों को इंसाफ देने के लिए हर प्रभावित गांवों में बारी-बारी से जन सुनवाई करने की मांग की है। इसके अलावा ग्रामीणों को बांध से संबंधित सभी तथ्यों की जानकारी समय पर दी जाए। इस संबंध में समिति जिला प्रशासन और केंद्रीय मंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखेगी।
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