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बाल श्रम को समाप्त करने को लें अनुभवी संस्थाओं की मदद
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:36 PM IST
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14 से 18 वर्ष के बाल श्रमिकों का होगा पुनर्वास
चंपावत। डीएम एसएन पांडेय ने जिले में बाल श्रम को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को जिला सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट को क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत, अनुभवी संस्थाओं की मदद लेने को कहा।
उन्होंने संस्था का चयन कर होटलों, मोटलों, निर्माण कार्यों, दुकानों आदि में काम कर रहे 14 से 18 वर्ष तक के बच्चों का सर्वे कर पुनर्वास करने को कहा। डीएम ने कहा कि बाल श्रम कराना गंभीर अपराध है। उन्होंने हिमवत्स, रूम टू रीड, बाल कल्याण समिति से बाल श्रमिकों को मुख्यधारा में लाने में सहयोग करने को कहा।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि होटल, मोटल, खेती आदि में लगातार कार्यवाही के बाद भी बाल श्रमिक नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाल श्रम पकड़े जाने पर 20 से 50 हजार रुपये का जुर्माना और दो साल की सजा का प्रावधान है। डीएम ने पकड़े जाने पर बच्चों के कौशल विकास के प्रयास करने और श्रम कानून का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इस दौरान समाज कल्याण अधिकारी आरसी तिवारी, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, सीईओ आरसी पुरोहित, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निर्मल बसेड़ा, बाल कल्याण समिति के सदस्य, अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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चंपावत। डीएम एसएन पांडेय ने जिले में बाल श्रम को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को जिला सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट को क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत, अनुभवी संस्थाओं की मदद लेने को कहा।
उन्होंने संस्था का चयन कर होटलों, मोटलों, निर्माण कार्यों, दुकानों आदि में काम कर रहे 14 से 18 वर्ष तक के बच्चों का सर्वे कर पुनर्वास करने को कहा। डीएम ने कहा कि बाल श्रम कराना गंभीर अपराध है। उन्होंने हिमवत्स, रूम टू रीड, बाल कल्याण समिति से बाल श्रमिकों को मुख्यधारा में लाने में सहयोग करने को कहा।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि होटल, मोटल, खेती आदि में लगातार कार्यवाही के बाद भी बाल श्रमिक नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाल श्रम पकड़े जाने पर 20 से 50 हजार रुपये का जुर्माना और दो साल की सजा का प्रावधान है। डीएम ने पकड़े जाने पर बच्चों के कौशल विकास के प्रयास करने और श्रम कानून का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इस दौरान समाज कल्याण अधिकारी आरसी तिवारी, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, सीईओ आरसी पुरोहित, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निर्मल बसेड़ा, बाल कल्याण समिति के सदस्य, अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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