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छूटे राज्य आंदोलनकारियों को चिन्हित करो
Updated Tue, 07 Nov 2017 11:06 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। राज्य स्थापना के 17 वर्षों बाद भी चिन्हीकरण से वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने उपेक्षा का आरोप लगाया है। राज्य आंदोलनकारियों की बैठक में कहा गया कि राज्य निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कई आंदोलनकारी चिन्हित कराने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन राज्य आंदोलनकारियों की किसी भी सरकार ने सुध नहीं ली।
चिन्हीकरण से वंचित रहे राज्य आंदोलनकारियों की बैठक मंगलवार को खेतीखान में हुई। उनका कहना था कि राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाने के बावजूद ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के आंदोलनकारियों की प्रशासन ने उपेक्षा की है। उन्हें चिन्हित नहीं किया गया है। वक्ताओं का कहना था कि शासन के निर्देश के बाद गठित राज्य आंदोलनकारी सलाहकार समिति ने भी इसकी संस्तुति की थी। इसके बावजूद उनकी उपेक्षा जारी है। शीघ्र राज्य आंदोलनकारियों के रूप में चिन्हीकरण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। हरिशंकर ओली की अध्यक्षता में प्रेमबल्लभ भट्ट ने संचालन किया। बैठक में ललित गहतोड़ी, मनमोहन माहरा, नरेंद्र गहतोड़ी, गोपाल मनराल, दीपक पचौली, भुवन जोशी, भूपेंद्र प्रकाश जोशी, रमेश राणा आदि थे।
आंदोलनकारी आज निकालेंगे कैंडल मार्च
राज्य स्थापना की पूर्व संध्या में आठ नवंबर को राज्य आंदोलनकारी कैंडल मार्च निकालेंगे। इस दौरान राज्य आंदोलन की लड़ाई में शहीद हुए आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी जाएंगी। राज्य आंदोलनकारी जीवन सिंह मेहता, रमेश देव ने बताया कि मोटर स्टेशन से अपरान्ह 5:30 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा। जो खड़ी बाजार, चौक बाजार, गांधी चौक होकर रामलीला मैदान में पहुंचेगा। रामलीला मैदान में सामूहिक रूप से शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। नौ नवंबर को दोपहर दो बजे नगर पंचायत सभागार में वयोवृद्ध राज्य आंदोलनकारियों, राज्य आंदोलनकारियों की वीरांगनाओं को सम्मानित किया जाएगा।
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चिन्हीकरण से वंचित रहे राज्य आंदोलनकारियों की बैठक मंगलवार को खेतीखान में हुई। उनका कहना था कि राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाने के बावजूद ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के आंदोलनकारियों की प्रशासन ने उपेक्षा की है। उन्हें चिन्हित नहीं किया गया है। वक्ताओं का कहना था कि शासन के निर्देश के बाद गठित राज्य आंदोलनकारी सलाहकार समिति ने भी इसकी संस्तुति की थी। इसके बावजूद उनकी उपेक्षा जारी है। शीघ्र राज्य आंदोलनकारियों के रूप में चिन्हीकरण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। हरिशंकर ओली की अध्यक्षता में प्रेमबल्लभ भट्ट ने संचालन किया। बैठक में ललित गहतोड़ी, मनमोहन माहरा, नरेंद्र गहतोड़ी, गोपाल मनराल, दीपक पचौली, भुवन जोशी, भूपेंद्र प्रकाश जोशी, रमेश राणा आदि थे।
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आंदोलनकारी आज निकालेंगे कैंडल मार्च
राज्य स्थापना की पूर्व संध्या में आठ नवंबर को राज्य आंदोलनकारी कैंडल मार्च निकालेंगे। इस दौरान राज्य आंदोलन की लड़ाई में शहीद हुए आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी जाएंगी। राज्य आंदोलनकारी जीवन सिंह मेहता, रमेश देव ने बताया कि मोटर स्टेशन से अपरान्ह 5:30 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा। जो खड़ी बाजार, चौक बाजार, गांधी चौक होकर रामलीला मैदान में पहुंचेगा। रामलीला मैदान में सामूहिक रूप से शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। नौ नवंबर को दोपहर दो बजे नगर पंचायत सभागार में वयोवृद्ध राज्य आंदोलनकारियों, राज्य आंदोलनकारियों की वीरांगनाओं को सम्मानित किया जाएगा।
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