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शारदा का जल स्तर घटा, प्रशासन ने ली राहत की सांस
Updated Thu, 12 Jul 2018 11:37 PM IST
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टनकपुर/बनबसा। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश से उफान पर आई शारदा नदी ने खेतखेड़ा व सैलानीगोठ नईबस्ती के साथ ही अब नदी ने बैराज मार्ग में तटबंध पर भी कटाव शुरू कर दिया है। इससे एनएचपीसी के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। आनन फानन में एनएचपीसी ने तटबंध पर कटाव रोकने के लिए ट्रीटमेंट शुरू कर दिया है। इधर नदी का जल स्तर घटकर एक लाख क्यूसेक से कम होने पर बनबसा बैराज से भारत-नेपाल के बीच वाहनों की आवाजाही सुचारु हो गई है। इससे दोनों देशों के बीच आवागमन कर रहे राहत महसूस कर रहे हैं।
बता दें कि बुधवार की दोपहर शारदा का जलस्तर अचानक बढ़ने से टनकपुर की शारदा चुंगी कालोनी में बाढ़ से हालात पैदा हो गए थे। नदी का जल स्तर दो लाख क्यूसेक पार करते ही प्रशासन को हाई अलर्ट घोषित कर बाढ़ के लिहाज से संवेदनशीलता के दायरे में आए करीब 15 मकानों को खाली कराना पड़ा था। बृहस्पतिवार को जल स्तर कम होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली। बनबसा में नदी का जल स्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने के बाद सुबह दस बजे बैराज से भारत-नेपाल के बीच वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। इधर बैराज मार्ग पर तटबंध की ओर हो रहे कटाव ने एनएचपीसी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। एनएचपीसी ने कटाव स्थल में नदी तट पर टेट्रापॉट (आरसीसी से निर्मित त्रिभुजाकार पत्थर) डालने शुरू कर दिए हैं।
बता दें कि बुधवार की दोपहर शारदा का जलस्तर अचानक बढ़ने से टनकपुर की शारदा चुंगी कालोनी में बाढ़ से हालात पैदा हो गए थे। नदी का जल स्तर दो लाख क्यूसेक पार करते ही प्रशासन को हाई अलर्ट घोषित कर बाढ़ के लिहाज से संवेदनशीलता के दायरे में आए करीब 15 मकानों को खाली कराना पड़ा था। बृहस्पतिवार को जल स्तर कम होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली। बनबसा में नदी का जल स्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने के बाद सुबह दस बजे बैराज से भारत-नेपाल के बीच वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। इधर बैराज मार्ग पर तटबंध की ओर हो रहे कटाव ने एनएचपीसी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। एनएचपीसी ने कटाव स्थल में नदी तट पर टेट्रापॉट (आरसीसी से निर्मित त्रिभुजाकार पत्थर) डालने शुरू कर दिए हैं।
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