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जीआईसी के दो कमरों मे चल रहा है डिग्री कालेज

Fri, 22 Jun 2018 11:45 PM IST
Updated Fri, 22 Jun 2018 11:45 PM IST
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जीआईसी के दो कमरों मे चल रहा है डिग्री कालेज
सोलन कालेज में प्रवक्ताअों के कई पद रिक्त पड़े हैं। - फोटो : अमर उजाला
चंपावत। जिले में उच्च शिक्षा के भी अजब हाल हैं। जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर स्थित अमोड़ी में राजकीय महाविद्यालय के भवन निर्माण का कार्य बजट के अभाव में अधर में लटक गया है। इस कारण महाविद्यालय की कक्षाएं जीआईसी अमोड़ी के दो कमरों में चल रही हैं। लोनिवि की ओर से 4.93 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे कॉलेज भवन के लिए केवल 50 लाख रुपये की राशि ही जारी हो सकी है। इससे केवल भवन की नींव का काम ही हो पाया है।
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वर्ष 2016 में अमोड़ी में डिग्री कॉॅलेज खुलने से छात्र-छात्राओं को राहत तो मिली लेकिन आने वाले दिनों में अगर समय से भवन का निर्माण न किया गया तो उनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से इस वर्ष से अमोड़ी कॉलेज को परीक्षा केंद्र भी बना दिया गया है। ऐसे में स्कूल का अपना भवन न होने के कारण परीक्षा कराने में परेशानी आ सकती है। प्राचार्या डॉ. कमला जोशी के अनुसार कॉलेज का अपना भवन न होने के कारण कक्षाएं जीआईसी के कमरों मेें चल रही हैं। आने वाले दिनों में अगर परीक्षाएं कॉलेज में ही कराई जाती हैं तो और अधिक समस्या होगी।
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बजट के अभाव में अधर में लटका अमोड़ी डिग्री कॉॅलेज का भवन
4.93 करोड़ की लागत के सापेक्ष 50 लाख रुपये अवमुक्त

वर्तमान में 82 छात्र-छात्राएं कर रही हैं अध्ययन
चंपावत। अमोड़ी कॉलेज में 82 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं, जबकि नए शिक्षा सत्र के लिए अभी 30 जून तक प्रवेश प्रक्रिया जारी है। जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर भट्ट का कहना है कि जो बालिकाएं इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आगे की पढ़ाई नहीं कर पाती थी, अब उनको भी स्थानीय स्तर पर उच्च कक्षाओं में पढ़ने का मौका मिल रहा है।
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बजट मिलने के बाद होगा आगे का निर्माण कार्य
चंपावत। यूपी निर्माण निगम के अपर सहायक अभियंता निर्भय कुमार मिश्रा का कहना है कि महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए जितनी राशि अवमुक्त हुई उसके सापेक्ष काम कर दिया गया है। अब शासन से बजट की अगली किस्त अवमुक्त होने के बाद आगे का निर्माण कार्य किया जाएगा।
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