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सैन्य सम्मान के साथ फौजी का अंतिम संस्कार हुआ
Updated Sat, 24 Mar 2018 11:28 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। बरेली में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले बाराकोट विकासखंड के सिंगदा गांव निवासी फौजी बलवंत सिंह का गमगीन माहौल में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिथौरागढ़ से आई सेना की टुकड़ी ने बलवंत को अंतिम सलामी दी। इस हादसे से बलवंत के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
बेटी के नामकरण को छुट्टी आए बलवंत सिंह (28) पुत्र भवान सिंह मंगलवार को घर से ड्यूटी में वापस जा रहे थे।
बुधवार को बरेली के पास रेल लाइन के किनारे संदिग्ध अवस्था में उनका शव पड़ा मिला था। दीपक सिंह, मदन सिंह, राजेंद्र सिंह पूर्व बीडीसी सदस्य, विक्रम, पुष्कर सिंह, राम सिंह, बसंत सिंह बरेली से फौजी बलवंत के शव को लेकर शुक्रवार की रात 11.30 बजे सिंगदा गांव पहुंचे। शनिवार को बलवंत के अंतिम दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे हुए थे।
20 कुमांऊ रेजीमेंट के बलवंत सिंह वर्तमान में 50 राष्ट्रीय रायफल (आरआर) श्रीनगर कुपवाड़ा में तैनात थे। बलवंत की मौत के बाद पत्नी पुष्पा देवी, मां जानकी देवी, पिता भवान सिंह, भाई दीपक सिंह बदहवाश हैं। इस घटना से बलवंत की एक माह की मासूम बेटी के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। शनिवार को गमगीन माहौल में रामेश्वर घाट में बलवंत का अंतिम संस्कार किया गया। पिथौरागढ़ से आए 28 पंजाब रेजीमेंट के जवानों ने शस्त्र उल्टे कर बलवंत सिंह को अंतिम सलामी दी। चिता को मुखाग्नि उसके भाई बसंत ने दी। अंतिम यात्रा में राम सिंह, मदन सिंह, भुवन सिंह, राजेंद्र सिंह, तेज सिंह, कै.जोगा सिंह सामंत, नारायण सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
बेटी के नामकरण को छुट्टी आए बलवंत सिंह (28) पुत्र भवान सिंह मंगलवार को घर से ड्यूटी में वापस जा रहे थे।
बुधवार को बरेली के पास रेल लाइन के किनारे संदिग्ध अवस्था में उनका शव पड़ा मिला था। दीपक सिंह, मदन सिंह, राजेंद्र सिंह पूर्व बीडीसी सदस्य, विक्रम, पुष्कर सिंह, राम सिंह, बसंत सिंह बरेली से फौजी बलवंत के शव को लेकर शुक्रवार की रात 11.30 बजे सिंगदा गांव पहुंचे। शनिवार को बलवंत के अंतिम दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे हुए थे।
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20 कुमांऊ रेजीमेंट के बलवंत सिंह वर्तमान में 50 राष्ट्रीय रायफल (आरआर) श्रीनगर कुपवाड़ा में तैनात थे। बलवंत की मौत के बाद पत्नी पुष्पा देवी, मां जानकी देवी, पिता भवान सिंह, भाई दीपक सिंह बदहवाश हैं। इस घटना से बलवंत की एक माह की मासूम बेटी के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। शनिवार को गमगीन माहौल में रामेश्वर घाट में बलवंत का अंतिम संस्कार किया गया। पिथौरागढ़ से आए 28 पंजाब रेजीमेंट के जवानों ने शस्त्र उल्टे कर बलवंत सिंह को अंतिम सलामी दी। चिता को मुखाग्नि उसके भाई बसंत ने दी। अंतिम यात्रा में राम सिंह, मदन सिंह, भुवन सिंह, राजेंद्र सिंह, तेज सिंह, कै.जोगा सिंह सामंत, नारायण सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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