{"_id":"59a1cb724f1c1bce318b4a02","slug":"51503775602-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूमधाम से मना ऋषि पंचमी पर्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूमधाम से मना ऋषि पंचमी पर्व
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बनबसा (चंपावत)। नेपाल की महिलाओं ने ऋषि पंचमी धूमधाम से मनाया। पंद्रह हजार से अधिक नेपाली महिलाओं और युवतियों ने बनबसा सीमा पर पवित्र शारदा नदी में स्नान कर पूजा-अर्चना की।
ऋषि पंचमी पर्व भारत के अलावा नेपाल में भी मनाया गया। शनिवार को बनबसा में शारदा नदी (नेपाल में जिसे महाकाली कहते हैं) तट पर ऋषि पंचमी पर्व पर मेला लगा रहा। पहले महिलाओं और युवतियों ने शारदा नदी में स्नान किया। सुहागिन महिलाएं ऋषि पंचमी पर पति की लंबी आयु, धनधान्य और वैभव की प्राप्ति की कामना करती हैं। नेपाल में ऋषि पंचमी से एक दिन पहले गणेश चतुर्थी को विवाहिता महिलाएं हड़तालिका का निर्जला उपवास रखती हैं। दूसरे दिन पवित्र नदियों में स्नान कर पूजा-अर्चना के बाद व्रत तोड़ती हैं। इस व्रत की कथा देवी पार्वती से जुड़ी है। मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ (शिव) को पति के रूप में पाने के लिए देवी पार्वती ने 12 वर्षों तक लंबी तपस्या की थी। नेपाल में कुंवारी युवतियां योग्य वर पाने को ऋषि पंचमी का उपवास रखती हैं। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस, तैराक पुलिस, एसएसबी जवान, कस्टम स्टाफ भी नदी तट पर तैनात रहा।
ऋषि पंचमी पर्व भारत के अलावा नेपाल में भी मनाया गया। शनिवार को बनबसा में शारदा नदी (नेपाल में जिसे महाकाली कहते हैं) तट पर ऋषि पंचमी पर्व पर मेला लगा रहा। पहले महिलाओं और युवतियों ने शारदा नदी में स्नान किया। सुहागिन महिलाएं ऋषि पंचमी पर पति की लंबी आयु, धनधान्य और वैभव की प्राप्ति की कामना करती हैं। नेपाल में ऋषि पंचमी से एक दिन पहले गणेश चतुर्थी को विवाहिता महिलाएं हड़तालिका का निर्जला उपवास रखती हैं। दूसरे दिन पवित्र नदियों में स्नान कर पूजा-अर्चना के बाद व्रत तोड़ती हैं। इस व्रत की कथा देवी पार्वती से जुड़ी है। मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ (शिव) को पति के रूप में पाने के लिए देवी पार्वती ने 12 वर्षों तक लंबी तपस्या की थी। नेपाल में कुंवारी युवतियां योग्य वर पाने को ऋषि पंचमी का उपवास रखती हैं। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस, तैराक पुलिस, एसएसबी जवान, कस्टम स्टाफ भी नदी तट पर तैनात रहा।
विज्ञापन