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एक लाख दस हजार में छूटा मछली पालन का ठेका
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:17 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने बनबसा बैराज के पास स्थित पुरानी झील में मत्स्य पालन का ठेका संपन्न कराया। लंबे समय से झील बंद पड़ी थी।
करीब साढ़े तीन दशकों बाद झील का जीर्णोद्धार कराकर उसमें मछली पालन का निर्णय लिया गया। पहली बार हुए ठेके से सरकार को एक लाख दस हजार रुपये की आय हुई है। ठेके से प्राप्त आय को यूपी और उत्तराखंड के संयुक्त खाते में जमा कराया जाएगा।
बैराज के पास लंबे समय से बंद पड़ी झील को शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य के प्रयासों से पर्यटन स्थल बनाने का प्रयास तो सफल नहीं रहा, लेकिन सरकार की आय बढ़ाने का साधन जरूर बन गया। मंगलवार को झील में मछली पालन का ठेका हुआ। ठेका खटीमा निवासी मो. अकरम के नाम पर 1 लाख 10 हजार रुपये में छूटा।
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एसडीओ मौर्य ने बताया कि झील में मछली पालन के ठेके से प्राप्त आय को यूपी सिंचाई विभाग और उत्तराखंड सरकार के बनबसा स्थित एनएचपीसी एसबीआई में संयुक्त खाते में जमा कराई जाएगी। इस मौके पर यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अलावा चंपावत सिंचाई विभाग के प्रतिनिधि, पुलिस आदि मौजूद थे।
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करीब साढ़े तीन दशकों बाद झील का जीर्णोद्धार कराकर उसमें मछली पालन का निर्णय लिया गया। पहली बार हुए ठेके से सरकार को एक लाख दस हजार रुपये की आय हुई है। ठेके से प्राप्त आय को यूपी और उत्तराखंड के संयुक्त खाते में जमा कराया जाएगा।
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बैराज के पास लंबे समय से बंद पड़ी झील को शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य के प्रयासों से पर्यटन स्थल बनाने का प्रयास तो सफल नहीं रहा, लेकिन सरकार की आय बढ़ाने का साधन जरूर बन गया। मंगलवार को झील में मछली पालन का ठेका हुआ। ठेका खटीमा निवासी मो. अकरम के नाम पर 1 लाख 10 हजार रुपये में छूटा।
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एसडीओ मौर्य ने बताया कि झील में मछली पालन के ठेके से प्राप्त आय को यूपी सिंचाई विभाग और उत्तराखंड सरकार के बनबसा स्थित एनएचपीसी एसबीआई में संयुक्त खाते में जमा कराई जाएगी। इस मौके पर यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अलावा चंपावत सिंचाई विभाग के प्रतिनिधि, पुलिस आदि मौजूद थे।