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मौराड़ी के लिए जबरन बनाई जा रही सड़क का विरोध
Updated Mon, 16 Oct 2017 11:19 PM IST
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चंपावत। क्वैरालाघाटी पंपिंग पेयजल योजना को लेकर जल निगम की ओर से मौराड़ी के लिए सड़क बनाने का विरोध शुरु हो गया है। सोमवार को ग्रामीणों ने इस मामले में जल निगम के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य रोकने की मांग उठाई है।
उनका कहना है कि पूर्व में सड़क के लिए जिन क्षेत्रों को शामिल किया गया था उनमें बनलेख-ललूवापानी मोटर मार्ग के चंतोला से धार, मौराड़ी, पसोड़ा शामिल थे, लेकिन वर्तमान में राजनीतिक कारणों के चलते इस सड़क को ग्राम पंचायत जैगांव-जैतोली होते हुए अनावश्यक घुमा कर मौराड़ी ग्राम पंचायत में बने टैंक तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे करीब डेढ़ किमी भूमि का नुकसान हो रहा है। इस सड़क के बनने से मौराड़ी की जनता को कोई लाभ प्राप्त नहीं होगा।
यदि जल निगम को प्रस्तावित स्थान में सड़क बनानी ही है तो वह सड़क चंतोला से क्वैराला, धार मौराड़ी, पसोड़ी होते हुए बनाया जाए। अन्यथा पेयजल टैंक को ग्राम पंचायत मौराड़ी की परिधि से बाहर बनाया जाए ताकि यहां के काश्तकारों की सिंचित भूमि बर्बाद होने से बच सके। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। अधिशासी अभियंता को ज्ञापन देने वालों में बची राम, दिले राम, गोविंद बल्लभ, तिलोमणी भट्ट, जगदीश चंद्र, दुर्गादत्त जोशी सहित तमाम ग्रामीण शामिल रहे। ब्यूरो
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उनका कहना है कि पूर्व में सड़क के लिए जिन क्षेत्रों को शामिल किया गया था उनमें बनलेख-ललूवापानी मोटर मार्ग के चंतोला से धार, मौराड़ी, पसोड़ा शामिल थे, लेकिन वर्तमान में राजनीतिक कारणों के चलते इस सड़क को ग्राम पंचायत जैगांव-जैतोली होते हुए अनावश्यक घुमा कर मौराड़ी ग्राम पंचायत में बने टैंक तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे करीब डेढ़ किमी भूमि का नुकसान हो रहा है। इस सड़क के बनने से मौराड़ी की जनता को कोई लाभ प्राप्त नहीं होगा।
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यदि जल निगम को प्रस्तावित स्थान में सड़क बनानी ही है तो वह सड़क चंतोला से क्वैराला, धार मौराड़ी, पसोड़ी होते हुए बनाया जाए। अन्यथा पेयजल टैंक को ग्राम पंचायत मौराड़ी की परिधि से बाहर बनाया जाए ताकि यहां के काश्तकारों की सिंचित भूमि बर्बाद होने से बच सके। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। अधिशासी अभियंता को ज्ञापन देने वालों में बची राम, दिले राम, गोविंद बल्लभ, तिलोमणी भट्ट, जगदीश चंद्र, दुर्गादत्त जोशी सहित तमाम ग्रामीण शामिल रहे। ब्यूरो
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